रतलाम। शासकीय महाविद्यालय में फर्स्ट सेमेस्टर के विद्यार्थियों को ऑनलाइन नामांकन (इनरोलमेंट) नंबर लेना होगा। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए प्रवेश के समय दिए सारे दस्तावेज फिर देना होंगे। इसके लिए दस्तावेज स्कैन करने के साथ ही पोर्टल शुल्क भी देना पड़ रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों की फजीहत हो रही है। नामांकन के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 30 सितंबर है।
उच्च शिक्षा विभाग ने तीन साल पहले पंजीयन और प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन की थी। यह व्यवस्था विद्यार्थियों कॉलेज प्रबंधन को दस्तावेज की बार-बार की फाइलिंग से मुक्ति दिलाने के लिए थी। समस्या दूर होने के बजाय बढ़ गई है। विद्यार्थियों से बार-बार दस्तावेज अपलोड करवाए जा रहे हैं। इससे उनका खर्च बढ़ गया है। इसकी वजह उच्च शिक्षा विभाग विश्वविद्यालय के बीच दस्तावेज को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होना है।
विभाग ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के समय आश्वस्त किया कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन वेरिफिकेशन के वक्त उपयोग होने वाले दस्तावेज विद्यार्थियों की पर्सनल आईडी पर रहेंगे। भविष्य में जब भी दस्तावेज की जरूरत होगी, पोर्टल से ले लिए जाएंगे। विद्यार्थियों को बार-बार दस्तावेज स्कैन कर पोर्टल पर अपलोड नहीं करना पड़ेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। विद्यार्थियों को सारे दस्तावेज की फोटो कॉपी करवाकर नामांकन फॉर्म के साथ जमा कराने पड़ रहे हैं।
शुल्क भी देना पड़ रहा : विद्यार्थियों को नामांकन के लिए पोर्टल शुल्क 40 रुपए भी देना पड़ रहा है। शुल्क जमा करने के बाद दस्तावेज अपलोड करने के लिए अतिरिक्त राशि देना पड़ती है। पहले प्रवेश के समय ही नामांकन फॉर्म भरवा लिया जाता था जिससे विद्यार्थियों को बार-बार परेशान नहीं होना पड़ता था। प्रथम सेमेस्टर में प्रवेशित विद्यार्थियों को नामांकन कराना जरूरी है। अगर वे ऐसा नहीं करते तो परीक्षा फॉर्म भरने से वंचित रह जाएंगे।
कॉलेज में नहीं खुले केंद्र : विद्यार्थियों को परेशान होना पड़े, इसलिए कॉलेज में ही ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराना थी। इससे दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड हो सकते हैं। इसमें विद्यार्थी से 25 रुपए शुल्क लेकर नामांकन प्रक्रिया पूरी की जाना है। लेकिन अभी तक ऐसे केंद्र नहीं खुले।
ये दस्तावेज जरूरी : - जन्म तारीख का प्रमाण
- अंकसूची, माइग्रेशन सर्टिफिकेट
- अर्हता प्रमाण-पत्र
- गैप सर्टिफिकेट
- टीसी
- हायर एज्यूकेशन आईडी।