भागवत संसार का सर्वोत्तम ग्रंथ
मंदिर से श्मशान तक भागवत
श्राद्धपक्ष में पितृ तर्पण के लिए अनेक स्थानों पर भागवत कथा हो रही है। मंदिर से मुक्तिधाम तक भागवत वाणी गूंज रही है। कथा श्रवण से पुण्य अर्जन के लिए लोग पहुंच रहे हैं।
श्रीबालहनुमान मंदिर: दीनदयालनगरस्थित बाल हनुमान मंदिर में भागवत कथा चल रही है। बुधवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मना। आरती के बाद माखन मिश्री का प्रसाद वितरित हुआ। पं. प्रदीप शास्त्री ने कथा में बकासुर वध, कालियानाग मर्दन गोवर्धन पूजा का महत्व बताया। श्रद्धालु महेश धारवा ने बताया 23 साल से कथा हो रही है। लट्ठाराम सोनी, गोपाल शास्त्री, नारायण शर्मा, गेंदालाल रेडा, बाबूलाल राठौर, नंदकिशोर टेलर, गोपाल शर्मा आदि शामिल हुए।
त्रिवेणीमुक्तिधाम: काला-गोराभैरवनाथ सेवा समिति ने त्रिवेणी मुक्तिधाम में भागवत कथा का आयोजन किया है। पं. अशाेक उपाध्याय ने कहा- मृत्यु के बाद जिन्हें मोक्ष की प्राप्ति नहीं हो पाती उनकी मुक्ति के लिए भागवत कथा माध्यम है। सर्वपितृ अमावस्या पर 24 सितंबर को कथा का विश्राम होगा। प्रहलाद बापू, सत्यदीप भट्ट, राजेश चौहान, शंकर आलम, सत्यनारायण आदि मौजूद रहे।
भक्तनकी बावडी: मुक्तिधामपर चल रही भागवत कथा में पं. दिनेशकृष्ण शास्त्री ने कहा हरि की शरण में आने पर सुख मिलता है। जिस दिन हरि के यहां से बुलावा आएगा, जाना ही पड़ेगा। इसलिए समय रहते भगवान की भक्ति करो। पोथी पूजन रामसिंह पहलवान, हीरासिंह भाटी, मनोज बारवाल, सुरेंद्र जायसवाल ने किया। प्रचारक तेजकुमार सोलंकी ने बताया भजन की प्रस्तुति हुई।
ऑफिसरकॉलोनी: पंचमुखीहनुमान मंदिर में चल रही भागवत कथा में बुधवार को पूज्य आशाकिशोरी प्रियादीदी ने भगवान श्रीकृष्ण रुक्मिणी विवाह का वर्णन किया।
महंत प्रहलादगिरी, आनंदगुरु के सान्निध्य में विवाह वृतांत के बाद भगवान की आरती की गई। अनिल राठौर, शंकरलाल मालवीय, दिनेश पांचाल, विनोद शर्मा, रमेश शर्मा आदि मौजूद रहे।
ऑफिसर कॉलोनी हनुमान मंदिर में उपस्थित श्रद्धालु। इनसेट-भजन प्रस्तुत करते पंडित