1500 शिक्षकों का हाउस रेंट काटा
हेडक्वार्टर पर नहीं रहने वाले शिक्षकों को हाउस रेंट नहीं मिलेगा। शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए कलेक्टर ने ये फार्मूला लागू किया है। जिले में इसका प्रयोग हो चुका है। करीब 60 फीसदी (करीब 1500) स्थायी शिक्षक पर इस फार्मूले के तहत कार्रवाई हो चुकी है। इनका हाउस रेंट काटने से शासन को एक महीने में ही लाखों रुपए की बचत हुई है।
जिले में शिक्षा आदिवासी विकास विभाग के 2371 स्कूल हैं। इनमें लगभग 7000 शिक्षक हैं। अध्यापक संविदा वर्ग को हटा दें तो लगभग 2500 स्थायी शिक्षक हैं। इन्हें वेतन के साथ हाउस रेंट भी मिलता है। बावजूद वे हेड क्वार्टर पर नहीं रहते। ऐसे शिक्षकों पर नकेल कसने के लिए कलेक्टर डॉ. संजय गोयल ने नया फार्मूला लागू किया। 1 सितंबर को दिए वेतन में हेड क्वार्टर पर नहीं रहने वाले शिक्षकों को हाउस रेंट नहीं दिया। आगे भी ऐसे शिक्षकों को हाउस रेंट नहीं दिया जाएगा। शिक्षकों को यदि हाउस रेंट चाहिए तो हेडक्वार्टर पर रहना होगा और इसका प्रमाण भी देना होगा।
कर्मचारी नेता बोले
मप्रशिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष जगदीश उपमन्यु के अनुसार वित्त शिक्षा संहिता में 8 किमी की परिधि में हेड क्वार्टर माना गया। प्रशासन जीरो किमी को हेड क्वार्टर मानकर हाउस रेंट काट रहा है, जो गलत है। इस संबंध में कलेक्टर से चर्चा कर शिथिलता बरतने की गुजारिश की है।
जिले में स्कूल
प्राइमरी स्कूल
1,669
मिडिलस्कूल
560
हाईस्कूल
77
हायरसेकंडरी स्कूल
65
(जानकारी-शिक्षा आदिवासी विकास विभाग से प्राप्त)
ये जरूरी
हाउसरेंट चाहिए तो शिक्षकों को संकुल विभाग प्रमुख को हर महीने 25 तारीख से पहले हेड क्वार्टर पर रहने का प्रमाण देना होगा। प्रमाण के रूप में किराया चिट्ठी, मकान मालिक का शपथ-पत्र, पड़ोसियों के नाम अन्य जानकारी देना होगी।
इन्हेंपात्रता
स्थायीप्राचार्य, व्याख्याता, प्रधान अध्यापक (मिडिल स्कूल), शिक्षक (यूडीटी), सहायक शिक्षक (एलडीटी), प्रधान अध्यापक (प्राइमरी स्कूल)।
इसलिएकी व्यवस्था
{शिक्षकहेड क्वार्टर पर अनिवार्य रूप से रहेंगे।
{स्कूलों का संचालन टाइमिंग के मुताबिक होगा।
{स्कूलों में शिक्षा के स्तर में सुधार होगा।
हेड क्वार्टर पर रहने पर मिलेगा रेंट
^हाउसरेंट चाहिए तो शिक्षकों को हेड क्वार्टर पर रहना होगा। इसका प्रमाण भी देना होगा। सी.एल.सालित्रा, बीईओ
शिक्ष