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कांग्रेस के सामने अस्तित्व बचाने का संकट
जिलासहकारी केंद्रीय बैंक के चुनाव बुधवार को होंगे। डायरेक्टर के एक पद के लिए कांग्रेस भाजपा से एक-एक उम्मीदवार मैदान में हैं। इनका फैसला 97 सदस्य करेंगे। सहकारी बैंक में अस्तित्व बचाने का कांग्रेस के पास यह आखिरी मौका है।
15 डायरेक्टरों वाले जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बोर्ड में 12 सदस्य भाजपा के निर्विरोध हो चुके हैं। दो पद एक भी नामांकन नहीं आने से रिक्त हैं जिनका संयोजन होगा। फाइट सिर्फ एक पद के लिए है जिस पर भाजपा के अशोक चौटाला कांग्रेस के शांतिलाल वर्मा किस्मत आजमा रहे हैं।
भाजपाकी कोशिश- 12डायरेक्टर निर्विरोध लाकर बड़ी जीत दर्ज करने वाली भाजपा की कोशिश मुकाबले वाले एक पद पर भी भाजपा प्रत्याशी को जीत दिलाने की है। पार्टी सफल रही तो यह पहला मौका होगा जब बोर्ड कांग्रेस विहीन होगा।
कांग्रेसकी कोशिश- एकसमय सहकारी बैंक में कांग्रेस का राज था। आज अस्तित्व का संकट है। एक को छोड़कर बाकी उम्मीदवारों के नामांकन खारिज होने से मुंह की खाना पड़ी। अब वर्मा ही एकमात्र उम्मीद है।
साधारण सभा के साथ होगी शुरुआत
होटलबालाजी सेंट्रल में सुबह 10.30 बजे साधारण सभा के साथ चुनाव शुरू होंगे। दोपहर 1 से शाम 4 बजे के बीच मतदान होगा। इसके बाद मतगणना और परिणाम घोषित होगा। 25 सितंबर को बाजना के दो डायरेक्टर का संयोजन होगा। 30 को अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुने जाएंगे।
अध्यक्षके लिए जद्दोजहद
बैंकका सालाना टर्नओवर 400 करोड़ है। इसकी 24 ब्रांच हैं। ये अध्यक्ष के अधीन रहती हैं इसलिए अध्यक्ष पद अहम है। अध्यक्ष को बैंक की ओर से वाहन भत्ता मिलता है। बड़े फैसले अध्यक्ष की सहमति के बिना नहीं होते। इसलिए अध्यक्ष पद के लिए सदस्यों में जद्दोजहद है।
सभीअध्यक्ष की दौड़ में
भाजपाके 12 डायरेक्टर निर्विरोध चुने जा चुके हैं। ये सभी अध्यक्ष की दौड़ में हैं। इसके लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। इनमें से कुछ तो सहकारिता की रग-रग से वाकिफ हैं तो कई को बैंक संबंधी अनुभव नहीं है। अध्यक्ष पद के लिए भाजपा के दो सदस्यों में ज्यादा जोर-आजमाइश है, ये अलग-अलग खेमे से हैं।