पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • कोई वार्ड हमेशा रिजर्व तो कोई सामान्य

कोई वार्ड हमेशा रिजर्व तो कोई सामान्य

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
शहर में वार्डों का परिसीमन सही है लेकिन आरक्षण गलत तरीके से किया गया। वार्ड आरक्षण में चक्रानुक्रम की प्रक्रिया की अनदेखी की गई। 2009 की बजाय 1994 के परिसीमन आरक्षण को आधार माना गया। मनमाने तरीके से वार्ड आरक्षण हुआ। कई वार्ड 1994 से अब तक अन्य वर्ग के लिए आरक्षित नहीं हो सके हैं। मनमाने आरक्षण का मुद्दा तब सामने आया जब कई वार्ड आरक्षण के दायरे से मुक्त रहे। तो कुछ बिना लाट डाले ही आरक्षित कर दिए गए। भाजपा के पूर्व पार्षद श्रैणिक जैन कांग्रेस नेता शेरू पठान ने जिला निर्वाचन कार्यालय से 1994 से 2014 तक के वार्ड परिसीमन आरक्षण की जानकारी निकालने के बाद दावा किया है कि आरक्षण में मनमानी की गई है। इन्होंने प्रक्रिया को कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी भी कर ली। कलेक्टर डॉ. संजय गोयल का कहना है परिसीमन आरक्षण प्रक्रिया की दो स्तर पर जांच कराई जा चुकी है। प्रक्रिया नियमों के तहत पूरी की गई। इसमें कोई चूक नहीं हुई। परिसीमन आरक्षण के बाद वर्तमान में प्रारूप प्रकाशन चल रहा है। निर्वाचन आयोग की गाइड लाइन से प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

ये विसंगतियां रहीं

{ काटजूनगर (वार्ड 14) 1994, 2009 2014 में ओबीसी के लिए आरक्षित हो चुका है।

{लोकेंद्र भवन (वार्ड 33, पूर्व में 25 32) 2004 2014 में ओबीसी हो चुका है।

{ बोहरा बाखल (वार्ड 43, पूर्व में 40) 1994 से अब तक ओबीसी नहीं हो सका। यह वार्ड 3 बार सामान्य पुरुष 2 बार सामान्य महिला हो चुका है।

{वार्ड 15 (सुभाष नगर) 1994 से 2009 तक लगातार एससी वर्ग के लिए आरक्षित था। 2014 में पहली बार सामान्य महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया।

{ 1994 को आधार मान अफसरों ने बिना लॉट डाले 9 वार्ड (क्रमश: 4, 12, 14, 23, 33, 37, 40, 45 46) ओबीसी के लिए आरक्षित कर दिए गए।

{1994 में वार्ड आरक्षण हुआ था। नए सिरे से परिसीमन नहीं। 2014 में नए सिरे से परिसीमन आरक्षण हुआ। नए सिरे से परिसीमन होने के कारण पूर्व के आरक्षण को आधार मानना गलत है।

{2009 में तत्कालीन कलेक्टर ने नए सिरे से परिसीमन के साथ आरक्षण कराया था। उन्होंने 1994 के आरक्षण को आधार नहीं माना था।

{2014 के वार्ड परिसीमन में अधिकांश वार्डों की सीमाएं बदल दी गई। लेकिन आरक्षण में 1994 को आधार मान आरक्षण की कार्रवाई पूरी की गई।

(जैसा भाजपा कांग्रेस नेताओं ने आरटीआई से प्राप्त जानकारी के