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कूलरों के खस पैड में पनप रहे डेंगू वायरस
{स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में खुलासा
सिटीरिपोर्टर| रतलाम
गर्मीके दौरान इस्तेमाल किए कूलर अगली गर्मी में डेंगू फैलने की वजह बन सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में सामने आया है कि 90 फीसदी कूलरों में लगे खस के पैड में डेंगू के सीरोटाइप डेन-2 और 3 वायरस मौजूद हैं। ये वायरस लार्वीसाइड से भी खत्म नहीं होते। ऐसे में पुराने पैड को जलाकर ही इन्हें खत्म किया जा सकता है। ऐसा नहीं करने पर गर्मी शुरू होते ही वायरस सक्रिय हो जाएंगे, जिससे डेंगू फैलने की आशंका बढ़ जाएगी।
जिला मलेरिया अधिकारी प्रमोद प्रजापति ने बताया डेंगू के डेन-2 अौर 3 वायरस की संक्रमण फैलाने की क्षमता डेन-1 वायरस की तुलना में बहुत अधिक होती है। यही इंटीग्रेटेड डिसीज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) की रिपोर्ट में सामने अाया है कि ये दो वायरस अधिकांश कूलरों में लगी पुरानी खस में मौजूद रहते हैं। इसे देखते हुए विभाग द्वारा मॉनीटरिंग की जा रही है। विभाग ने दल गठित कर शहर के विभिन्न शासकीय और निजी विभागों में जाकर कूलरों की स्थिति चैक की। शुरुआत कलेक्टर कार्यालय से की गई। शहर के अधिकतम विभागों में कूलर नहीं मिले। अधिकांश ऑफिसों में पंखे या एसी का उपयोग किया जाता है। जहां कूलरों में पुराना पानी पाया गया वहां तुरंत बदलवाया गया। उसके दुष्परिणाम से संबंधितों को अवगत भी करवाया। घरों में उपयोग किए जाने वाले कूलरों की स्थिति संतोषजनक मिली।
गमलेऔर हौद से भी खतरा
जिलामलेरिया अधिकारी ने बताया घरों में लगाए जाने वाले गमले और पशु-पक्षियों के लिए भरी जाने वाली हौद में भी डेंगू लार्वा पनपने की आशंका रहती है। मकान मालिक भरे पानी को समय पर नहीं बदलते हैं। टाटानगर में इस प्रकार की समस्या ज्यादा है। विभाग ने मॉनीटरिंग कर रहवासियों को समय पर पानी बदलने की समझाइश दी।