5 साल में बदल सकती है शहर की सूरत
नगरसरकार के नवनिर्वाचित सदस्य यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्लानिंग को अमल में लाए तो 5 साल में शहर की सूरत बदल सकती है। बस जरूरत है नवनिर्वाचित सदस्यों की दृढ़ इच्छाशक्ति की।
पीएम पद की शपथ लेने के बाद मोदी ने सभी सांसदों से एक-एक गांव गोद लेने की अपील की थी। साथ ही संकल्प दिलाया कि जनसहयोग से गांव को उन्नत सुविधा संपन्न बनाएंगे। इस प्लानिंग को यदि नई नगर सरकार अमल में लाए तो 5 साल में रतलाम की सूरत बदल जाएगी। नई नगर सरकार में एक महापौर 49 पार्षद चुने गए हैं। यदि ये अपने वार्ड में से हर साल एक-एक कॉलोनी को गोद लें और उनके विकास के सपने को साकार करेंगे तो हर वार्ड में 5 साल में 5-5 कॉलोनियां पूर्णत: विकसित हो जाएंगी। जनता के सहयोग से कॉलोनी में विकास कार्य होने से निगम अमले पर दबाव कम होगा। जनता के बीच पैठ भी बढ़ेगी।
यहकरना है -पार्षद कोहर साल एक कॉलोनी चुनना है। रहवासियों से चर्चा कर जनसहयोग अधिकारों का उपयोग कर सालभर में कॉलोनी का विकास करना है।
रतलाम नगर निगम में पार्षद को हर साल स्वयं की निधि में रूप में 13 लाख रु. मिलते हैं। इसके अलावा महापौर निधि केंद्र-राज्य सरकार की योजनाओं से भी राशि मिल सकती है। पार्षद को नागरिकों को हर मूलभूत सुविधाएं दिलाने का हक मिलता है तो वे सुविधाएं निगम एक्ट के तहत नागरिकों को प्रदान की जा सकती हैं।
पार्षद के अधिकार
इनके लिए यह कदम उठाएं
भास्कर एक्सपर्ट पैनल
स्ट्रीट लाइट : कॉलोनीमें निगम के जरिए स्ट्रीट लाइट का इंतजाम कराएं। लोगों की जरूरत के अनुसार प्रकाश के इंतजाम कर सुरक्षा का माहौल मुहैया कराएं।
अतिक्रमण : अतिक्रमणकरने के लिए लोगों को प्रेरित करें। रहवासियों को साथ लेकर अतिक्रमण हटाएं और कॉलोनी को सुंदर बनाने के प्रयास करें।
जलापूर्ति : कॉलोनीके पुराने कुओं की सफाई करें। रखरखाव पर ध्यान दें। दुरुपयोग रोकने के लिए रहवासी समिति बनाएं। निगम की पाइप लाइन का जाल भी बिछाएं।
सफाई : नागरिकोंमें जागरूकता पैदा करें। डस्टबीन बांटें। सप्ताह में एक-दो दिन खुद कॉलोनी में रहवासियों के साथ सफाई का दायित्व संभालें।
गार्डन : कॉलोनीके गार्डन को जनभागीदारी से विकसित करें। नागरिकों को वृक्ष मित्र बनाएं। जनसहयोग से पौधारोपण कर हरियाली को बढ़ावा दें।
सड़क : पार्षदनिधि या अन्य योजना में राशि स्वीकृत कराएं। जरूरत पड़ने पर जनभाग