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पत्नी पर फेंका तेजाब, सुनवाई में लगे 27 साल, सजा दो साल कैद
कसारीदरवाजा क्षेत्र में प|ी पर तेजाब फेंकने वाले मंदसौर निवासी आरोपी को वारदात के 27 साल बाद कोर्ट ने दो साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई। कसारी दरवाजा क्षेत्र में 17 मार्च 1987 को वारदात हुई थी उस वक्त आरोपी 45 वर्ष का था। गुरुवार को सजा सुनाई तब वह 72 वर्ष का हो चुका था। वारदात के बाद आरोपी 10 वर्ष फरार रहा। पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। सुनवाई के दौरान भी आरोपी 10 साल फरार रहा।
एडीपीओ के.के. चौहान ने बताया अभियुक्त जुझारसिंह पिता नानूराम माली नि. करचू (मंदसौर) है। उसे न्यायिक दंडाधिकारी संदीप जैन ने दो वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई। 500 रुपए जुर्माना भी किया। तेजाब फेंकने से उसकी प|ी तिलिबाई का चेहरा, छाती, हाथ-पैर झुलस गए थे। ठीक होने के बाद सुनवाई के दौरान उसकी स्वाभाविक मौत हो गई।
येथी वारदात- कसारीदरवाजा की तिलिबाई की शादी करचू (मंदसौर) के जुझारसिंह से हुई थी। वारदात से 6 महीने पहले जुझार ने अन्य महिला को रख लिया। तिलिबाई मां रुक्मिणी के यहां रहने लगी सब्जी बेचने लगी। 17 मार्च 1987 की रात सब्जी बेचकर घर जा रही थी। जुझार ने रोका रुपए मांगे। मना करने पर तेजाब फेंक दिया। तिलिबाई 50 फीसदी झुलस गई। माणकचौक थाने में प्रकरण दर्ज हुआ। 10 साल बाद आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में चालान पेश किया।
सुनाईदेना बंद हो गया-सजा सुनातेवक्त जुझार को सुनाई नहीं दे रहा था। न्यायाधीश ने ऊंची आवाज में सजा सुनाई। 27 साल होने से प्रकरण के कागज भी खराब हो गए। फाइल प्रस्तुत करते समय कोर्ट कर्मचारियों को विशेष ध्यान रखना पड़ता था।