रतलाम। तीन किस्तों में 20 हजार रुपए 20 फीसदी ब्याज पर उधार लिए थे। उधार देने वाले दंबगों ने 6 महीने में 1 लाख 59 हजार रुपए वसूल लिए और 1 लाख 68 हजार रुपए बकाया निकाल रखा है। कुली कॉलोनी निवासी चूना-तगारी का काम करने वाले मजदूर दंपती अफसाना और मेहबूब खान ने यह शिकायत एसपी डॉ. जी.के. पाठक से की। अफसाना ने बताया ब्याज चुकाने के लिए कुली कॉलोनी के पैतृक मकान में मिला हिस्सा भी बिक गया। स्वसहायता समूहों से लोन लिया जिसकी किस्तें बाकी हैं। अफसाना की रिपोर्ट पर स्टेशन रोड थाने में हेमलता पति राजेश व्यास निवासी महावीर नगर, रफीक, मुन्ना पिता रहमान, अख्तरी पति नजर खां, उसके बेटे शाकिर और जाकीर के खिलाफ स्टेशन रोड थाने में प्रकरण दर्ज किया है।
भयभीत है परिवार
अफसानाने बताया पति मिस्त्री हैं। उन्हें 400 रुपए रोज और वह चूना-तगारी के काम में 200 रुपए रोज कमाती है। स्व सहायता समूहों की उधारी की किस्त नहीं चुका पा रही है। उधारी का ब्याज वसूलने वाले किस्त नहीं चुकाने पर मारपीट करते हैं और थाने में झूठी शिकायत करते हैं। मारपीट के डर से बच्चों को बहन के घर रखा हुआ है। मजदूरी पर भी नहीं जा पा रहे हैं।
ऐसे फंसे सूदखोरों के चंगुल में
अफसानाने बताया मार्च में ननद की ससुराल में शादी थी। भात लेकर जाना था इसलिए अख्तरी पति नजरखां निवासी कुली कॉलोनी से 10 हजार रुपए 20 प्रतिशत ब्याज पर उधार लिए थे। अख्तरी की किस्त चुकाने के लिए चार महीने पहले मुन्ना से 3 हजार और रफीक से 5 हजार रुपए 20 प्रतिशत ब्याज पर उधार लिए।
ब्याज की किस्त चुकाने के लिए स्व सहायता समूह से भी लोन लिया। अफसाना ने बताया अख्तरी को 80 हजार रुपए चुका दिए। वह अभी भी 40 हजार रुपए बकाया बता रही है। मुन्ना और रफीक भी आठ हजार के बदले 56 हजार रुपए ले चुके हैं। किस्त चूकने पर 78 हजार रुपए ब्याज के देना बकाया बता रहे हैं।
अफसाना ने बताया स्व सहायता समूह का सदस्य बनाकर महावीर नगर निवासी हेमलता व्यास लोन दिलाती है। एक लोन दिलाने के 500 रुपए लगते हैं और लोन की किस्त चूकने पर 100 रुपए पेनल्टी। एक साल पहले हेमलता से दो हजार रुपए उधार लिए थे लेकिन उसने स्टाम्प पेपर पर 10 हजार रुपए लिखकर साइन करवा लिए। हेमलता ने हिसाब में 50 हजार रुपए बकाया बताए हैं।
मकान बेचा, स्व सहायता समूहों से लिया लोन
अफसानाने बताया पति मेहबूब के 6 भाई हैं। कुली नगर में पैतृक मकान में दो कमरे का हिस्सा मिला था। ब्याज चुकाने के लिए अपना हिस्सा भाइयों को बेचकर मेहबूब ने 80 हजार दिए। उधार की किस्त बाकी थी इसलिए स्व सहायता समूहों से साप्ताहिक और मासिक किस्त पर लोन लिए।
समूह से लिया लोन
स्व सहायता समूह लोन राशि
स्वआधार 20 हजार
आधार 15 हजार
एसकेएस 24 हजार
स्वागत 20 हजार
आईआईडी 15 हजार
एचडीएफसी बैंक 12,500
ईशवंदना 15 हजार
अस्मिता 15 हजार
(मेहबूब और अफसाना)