कमीशन िलया, काम नहीं किया
इंडस्ट्रीयलएरिये के विकास के लिए उद्योग आयुक्त ने एकेवीएन को विकास राशि के साथ 35 लाख रुपए कमीशन के दिए। बावजूद एक साल बाद भी काम अधूरे हैं। इससे कर्मचारी, उद्योगपति सहित अन्य को मुसीबत झेलना पड़ रही है।
इंडस्ट्रीयल एरिये में सड़क, बिजली की स्थिति खराब है। उद्योग आयुक्त ने एक साल पहले सड़क, स्ट्रीट लाइट के लिए 3.5 करोड़ रुपए स्वीकृत किए। काम करवाने का जिम्मा औद्योगिक केंद्र विकास निगम (एकेवीएन) उज्जैन को सौंपा। उसे 35 लाख रुपए बतौर कमीशन भी दिया। एक साल होने को हैं लेकिन काम अब भी अधूरे हैं। इंडस्ट्रीज एरिया में छोटे-बड़े मिलाकर 100 से ज्यादा उद्योग हैं। यहां से रोज सैकड़ों लोग गुजरते हैं। काम अधूरा होने से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
येहै प्रक्रिया-इंडस्ट्रीज एरियेमें विकास का जिम्मा प्रदेश सरकार ने एकेवीएन को सौंप रखा है। जितनी राशि के काम होते हैं। उसकी 10 फीसदी राशि निगरानी के लिए सरकार एकेवीएन को देती है ताकि वो समय सीमा में काम कराए और गुणवत्ता का भी ध्यान रखे।
समयसीमा में पूरे हों काम
संभागीयउद्योग संघ अध्यक्ष संदीप व्यास ने बताया प्रदेश सरकार ने एकेवीएन को जिम्मेदारी सौंपी है। इससे एजेंसी का कर्तव्य बनता है कि वो समय पर गुणवत्ता पूर्ण काम करे। यदि एजेंसी ऐसा नहीं करती है तो सरकार की भी जिम्मेदारी बनती है वो नजर रखे और संबंधित एजेंसी पर जुर्माना लगाए। नहीं तो एक साल के काम दस साल में भी पूरे नहीं होंगे।
जावराकी भी यही स्थिति
शहरकी तरह जावरा इंडस्ट्रीज एरिया की भी यही स्थिति है। यहां 1 करोड़ की लागत से इंडस्ट्रीज में सीमेंट-कांक्रीट की सड़क बनाना थी लेकिन अब तक काम पूरा नहीं हो पाया। जावरा उद्योग संघ के धरमचंद चपड़ोद ने बताया रतलाम नाके के समीप स्थित इंडस्ट्रीज एरिये में सीमेंट-कांक्रीट सड़क काम बंद है। एकेवीएन के एमडी से भी चर्चा की लेकिन वो भी ध्यान नहीं दे रहे।
एकेवीएन के एमडी धीरेंद्र चतुर्वेदी ने बताया जो सड़क शेष है उसके वर्कऑर्डर जारी कर दिए हैं। जल्द काम शुरू होगा। जो पोल लग गए हैं उनमें ्ट्रीट लाइट के लिए लघु उद्योग निगम को कहा है। उन्होंने टेंडर जारी कर दिया है। जल्द ही स्ट्रीट लाइट भी लग जाएगी। गुणवत्ता की जांच के लिए एक सप्ताह के भीतर टीम भेजेंगे। गुणवत्ता नहीं निकलती है तो ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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