रतलाम/ जबलपुर। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के संचालक मंडल के चुनाव परिणाम की घोषणा पर हाईकोर्ट ने 10 नवंबर तक रोक लगा दी है। 47 नामांकन फॉर्म भेदभावपूर्ण तरीके से निरस्त करने की शिकायत पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने गुरुवार दोपहर को आदेश जारी किए। इससे संचालक मंडल में बहुमत हासिल करने वाली भाजपा को जाेरदार झटका लगा है। सहकारी बैंक के संचालक मंडल के चुनाव के लिए 66 नामांकन दाखिल हुए थे। इनमें से 47 नामांकन फॉर्म खारिज हो गए थे। फार्म खारिज होने का स्पष्ट कारण नहीं बताने पर सेवा सहकारी संस्था खारवाखुर्द के बैंक प्रतिनिधि संचालक पद के उम्मीदवार रमेश पाठक ने सोमवार को हाईकोर्ट इंदौर में याचिका दायर की थी।
इसेस्वीकार करते हुए न्यायमूर्ति एस.सी. शर्मा ने गुरुवार को आदेश जारी किए। पाठक के अभिभाषक आशुतोष अवस्थी वीरेंद्रसिंह सोलंकी ने बताया याचिका में सहकारिता मंत्रालय भोपाल के सचिव, मप्र राज्य सहकारी निर्वाचन पदाधिकारी भोपाल, रिटर्निंग अधिकारी रतलाम जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रतलाम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को वादी बनाया है।
ये हुआ था : सोलंकी ने बताया कांग्रेस के उम्मीदवारों ने 17 18 सितंबर को नामांकन दाखिल किए थे। 19 को जांच हुई जिसमें 66 में से 47 फॉर्म निरस्त कर दिए थे। कांग्रेस समर्थक उम्मीदवारों ने रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष आपत्ति भी दर्ज कराई। कलेक्टर सहकारिता सचिव से शिकायत की थी। फॉर्म निरस्त होने के बाद 19 उम्मीदवार बचे थे। इनमें से तीन ने 20 सितंबर को नाम वापस लिए थे। संचालक मंडल के 15 में से 13 पदों के लिए 14 उम्मीदवार बचे थे। इनमें एक कांग्रेस समर्थित 13 भाजपा के अधिकृत उम्मीदवार थे। दोनों पदों पर संयोजन होना था।