गर्भगृह में विराजीं हैं माता
रतलाम| महलवाड़ामें 350 साल पुराना मां पदमावती का मंदिर है। पदमावती मां की प्रतिमा गर्भगृह में हैं। ऐसा कहा जाता है कि रियासत काल में राजा महलवाड़ा से ही मां के दर्शन करते थे। महल के अंदर से सीधे माता के दर्शन होते हैं।
पौराणिकमहत्व- राजायहां शत्रु विजय के लिए प्रार्थना करते हैं। यहां ली जाने वाली हर मन्नत पूरी होती है।
कैसेपहुंचें- यहमंदिर महलवाड़ा के अंदर दाखिल होते ही उल्टे हाथ पर है। कहीं से भी नगर निगम तिराहा पहुंचकर यहां से मंदिर तक पहुंचा जा सकता है।