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हार्ट पेशेंट को नहीं जाना पड़ेगा बाहर

7 वर्ष पहले
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जिलाअस्पताल में बहुप्रतीक्षित कार्डियर केयर यूनिट शुरू हो गई है। जिले के हार्ट पेशेंट्स को अब इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। यहां 6 मरीजों का एक समय में इलाज हो सकेगा।

दो साल से कार्डियक केयर यूनिट का निर्माण चल रहा था। अत्याधुनिक उपकरण सुविधाओं से लैस यूनिट का गुरुवार सुबह सीएमएचओ डॉ. पुष्पेंद्र शर्मा, आरएमओ डॉ. कृपालसिंह राठौड़ ने अनौपचारिक शुभारंभ किया। इसमें 6 बेड हैं। सीएमएचओ ने बताया यूनिट बिल्डिंग की लागत 30 लाख रुपए आई। इसमें 1 करोड़ रुपए से अधिक के इक्यूपमेंट सिस्टम लगे हैं। संसाधनों के अभाव में पहले कार्डियक पेशेंट्स को इंदौर अथवा वडोदरा ले जाना पड़ता था।

ट्वेल्थमॉनीटरिंग सिस्टम- यूनिटमें मरीज के परिजन को इंट्री नहीं दी जाएगी। मरीज की मॉनीटरिंग के लिए ट्वैल्थ चैनल मॉनीटरिंग सिस्टम लगाया है। इससे मरीज की हर गतिविधि नर्सिंग स्टाफ को स्क्रीन पर दिखाई देगी।

येहै यूनिट में- फुलीएयर कंडीशंड, वेंटीलेटर, कार्डियक मॉनीटर, इंफ्यूजन पंप, सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम, सेंटर सक्शन, डिफीब्रीलेटर, पोर्टेबल एक्स-रे, ईसीजी।

इनकोतरजीह - इक्यूडएमआई, इंटीरियर एमआई, पोस्टिरियर एमआई, लेरी-रियर एमआई, इंफ्रीरियर एमआई (सभी हार्ट प्रॉब्लम के प्रकार हैं)

येआना बाकी- टीएमटी,इको-कार्डियोग्राफी

ऐसेहोगी संचालित- {यूनिट प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. आनंद चंदेलकर सहयोगी डॉ. जीवन चौहान होंगे। { हर शिफ्ट में एक डॉक्टर, 2 नर्स, 2 वार्डबॉय, 1 स्वीपर, 2 गार्ड ड्यूटी देंगे।

जिला अस्पताल में नई कार्डियक केयर यूनिट गुरुवार से शुरू हो गई।

दिए थे निर्देश

कलेक्टरडॉ. संजय गोयल ने जिला अस्पताल के निरीक्षण में सीएमएचओ सिविल सर्जन को गुरुवार से कार्डियक केयर यूनिट शुरू करने के निर्देश दिए थे।

डॉक्टरों की कमी भी

जिलाअस्पताल में मेडिकल स्पेशलिस्ट की कमी है। 5 पद स्वीकृत हैं 2 ही पदस्थ हैं। ऐसे में कार्डियक केयर यूनिट संचालित करने में असुविधा हो सकती है।

कैथ लैब के लिए प्रयास

अबजिला अस्पताल में कैथ लैब शुरू करने के प्रयास किए जाएंगे। दो साल में इसे शुरू करने की योजना है। लैब शुरू होने से यहां एंजियोप्लास्टी शुरू हो जाएगी।