घट सकता है फसल का एवरेज
जिलेमें सोयाबीन की कटाई शुरू हो गई है। लेट और फिर औसत से कम बारिश से सोयाबीन का उत्पादन घटने की आशंका है। एक-दो दिन में मंडी में सोयाबीन की जोरदार आवक शुरू हो जाएगी।
रैनी सीजन 15 जून से शुरू होता है। इस साल बारिश देर से शुरू हुई। इससे बोवनी लेट हुई। इसके बाद समय पर मानसून (15 सितंबर) विदा हो गया। औसत से कम बारिश होने से सोयाबीन को भरपूर पानी नहीं मिल पाया। इसका असर फसलों पर नजर आने लगा है। इससे सोयाबीन का एवरेज घटने की आशंका है। एक बीघा में औसत 4 से 5 क्विंटल सोयाबीन होती है। इस बार 2 से 3 क्विंटल सोयाबीन की आशंका है। कोटड़ी के किसान जसराज जाट ने बताया देर से बोवनी की थी। एक पानी की और जरूरत थी लेकिन जल्दी बंद हो गई। इस बार एवरेज घटने की आशंका है। धराड़ के राजाराम पाटीदार ने बताया शुरुआत में अच्छी बारिश हुई थी। इससे सोयाबीन का उत्पादन चार से पांच क्विंटल होने की संभावना थी। बारिश नहीं होने से अब उत्पादन कम होगा। एक बीघा में 2 से 3 क्विटंल सोयाबीन ही होगी।
औसतसे 12 इंच बारिश कम- इसबार औसत से 12 इंच बारिश कम हुई। जिले की औसत बारिश 35 इंच है। इस बार 23 इंच हुई।
यहांचल रही है कटाई- धराड़,बिलपांक, नामली, सेमलिया, पंचेड़, सिमलावदा, कोटड़ी, शिवपुर, नगरा, बिरमावल, खाराखेड़ी, सालाखेड़ी आदि।
मलवासा| बारिशविदा होने से जमीन में नमी कम हो गई है। सोयाबीन-मक्का की फसल सूख रही है। रिंग कटर और इल्ली भी फसलों को प्रभावित कर रहे हैं। किसान नारायण पाटीदार ने बताया इस बार दो से तीन बार बोवनी करनी पड़ी। अब बारिश नहीं होने की वजह से फसल सूखने की कगार पर है। रिंगनिया के अरविंद पाटीदार ने बताया एक बार और बारिश होना चाहिए वरना फसल सूख जाएगी और फलियों में दाने छोटे रह जाएंगे। इससे अंकुरण सही नहीं होगा और अगले साल बीज की समस्या होगी। हतनारा के मदनसिंह सोलंकी ने बताया किसानों का बजट बिगड़ सकता है। जड़वासाकलां के मोहन प्रजापत ने बताया ट्यूबवेल से सिंचाई कर रहे हैं। बिजली पर्याप्त नहीं मिल रही। यही स्थिति बाजनखेड़ा, सिमलावदा, हेमती आदि गांव की है।
सूखने लगी फसल
वोल्टेज बना परेशानी
बाजना | कमबारिश से परेशान किसानों को कम वोल्टेज ने भी हलाकान कर रखा है। वे ट्यूबवेल होते हुए भी दम तोड़ती फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। किसान नेता डॉ. रमेश टांक, नारायण मुनिया, रामजी निनामा, रतन