नवरात्रि विशेष
यहां पांडवों ने की थी प्रतिमा की स्थापना
रतलाम. सातरुंडास्थित मां कंवलका का मंदिर सालों पुराना है। नवरात्रि में पहाड़ पर स्थित मां के दर्शन को दूर-दूर से भक्त आते हैं। मंदिर पहुंचने के लिए 350 से ज्यादा सीढ़ियां चढ़ना पड़ती हैं। हरियाली अमावस्या पर मेला लगता है। इसमें आसपास के कई जिलों के भक्त आते हैं। मान्यता है यहां जो मनोकामना करते हैं, वो पूरी होती है।
पौराणिकमहत्व- किंवदंतीहै पांडवों ने अज्ञातवास यहां किया था। भीम गाय चरा रहे थे। एक गाय गुम गई। इसे ढूंढने भीम ने मुट्ठीभर अनाज रखा। इससे पहाड़ी बन गई। इसी पहाड़ी पर चढ़कर गाय को ढूंढ़ा। उसी समय मां की प्रतिमा की स्थापना की।
ऐसेपहुंचें- मंदिररतलाम से 35 किमी दूर है। यहां जाने के लिए महू रोड मुख्य बस स्टैंड से बस मिलती है। सातरुंडा फंटे पर उतरना पड़ता है। यहां से मंदिर पांच किमी दूर है। जीप आदि साधन से भी पहुंच सकते हैं।