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मोदी ने परमाणु बम की तरह की नोटबंदी

5 वर्ष पहले
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नोट बंदी ने देश की अर्थव्यवस्था बुरी तरह बिगाड़ दी है। आम लोगों का जीना हराम है। विद्यार्थी, व्यापारी, मजदूर से लेकर गृहिणी तक इसकी चपेट में हैं। बेरोजगारी बढ़ी है और अर्थव्यवस्था भी चरमरा गई है। जिस तरह अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा में परमाणु बम गिराकर लोगों को बर्बाद किया था, उसी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में नोट बंदी बम गिराकर जनता को परेशान कर अर्थव्यवस्था तहस-नहस कर दी।

यह बात पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद कांतिलाल भूरिया ने जवाहरनगर में ब्लॉक कांग्रेस-1 द्वारा आयोजित जन वेदना कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कही। उन्होंने कहा लोकसभा चुनाव के पहले मोदी ने कहा था अच्छे दिन आने वाले हैं। स्विस बैंक में जमा कालाधन लाया जाएगा और हर व्यक्ति के बैंक खाते में 15 लाख रुपए डाले जाएंगे, 2 करोड़ लोगों को रोजगार देंगे। उन्हें प्रधानमंत्री बने ढाई साल हो गए, बताओ, क्या अच्छे दिन आए? उल्टे लोगों की जेब ही खाली हो गई। नेता प्रतिपक्ष यास्मीन शेरानी ने कहा नोट बंदी के कारण भाजपा से जुड़े व्यापारी भी परेशान हैं।

केशलैस से कट रही जेबें- ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मंसूर अली पटौदी ने कहा नोट बंदी के बाद केशलैस ट्रांजेक्शन व्यवस्था से लोगों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। डेबिट कार्ड से 3 लीटर पेट्रोल की कीमत चुकाने पर 11 रुपए ज्यादा लग रहे हैं। संचालन कार्यवाहक शहर अध्यक्ष जेम्स चाको ने किया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनोद मिश्रा, कांग्रेस नेत्री अदिति दवेसर, राजीव रावत, शांतिलाल वर्मा, चंद्रकांत पुरोहित, रजनीकांत व्यास, नासिर कुरैशी मौजूद थे। आभार ब्लॉक अध्यक्ष पटौदी ने माना।

कुर्सियां खाली, किसे बताएं वेदना- सम्मेलन में मंच पर दो खाली कुर्सियां रख एक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व दूसरी पर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के फोटो लगाए गए। सांसद भूरिया ने कहा ये कुर्सियां इसलिए खाली हैं क्योंकि जनता के बीच से प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री गायब हैं। ऐसे में जनता अपनी वेदना व समस्या किससे कहे।

लोगों ने बताई वेदना
सम्मेलन में विशाल कंडारे ने कहा नोट बंदी का सीधा असर कारोबार पर हुआ है। धंधा चौपट हो चुका है। दो ट्रैक्टर हैं। कामकाज ठप होने से एक ट्रैक्टर चलाना बंद हो गया है। मजदूरों की कमाई भी घट गई है। शालू बत्रा ने कहा उनके ब्यूटी पार्लर का कारोबार भी 70 से 80 फीसदी प्रभावित हुआ है।

सम्मेलन में उपस्थित मंसूर अली पटौदी, िवनोद िमश्रा, सांसद कांतिलाल भूरिया, यास्मीन शेरानी व अदिति दवेसर।

जनवेदना कार्यक्रम
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