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इंदौर में 3 और मौतें, अब भी सरकार भगवान भरोसे
भास्कर संवाददाता | इंदौर/रतलाम
स्वाइनफ्लू के 3 और संदिग्ध मरीजों की गुरुवार को एमवायएच में मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक इंदौर में 43 संदिग्ध मरीज दम तोड़ चुके हैं। इधर इस बीमारी से निपटने के इंतजाम को लेकर इंदौर हाई कोर्ट में दायर जनहित याचिका पर जवाब देने के लिए स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के अफसर खाली हाथ पहुंच गए। मौखिक जवाब दिया- यह प्राकृतिक आपदा है... तापमान बढ़ेगा तो खत्म हो जाएगी निगम की तरफ से कहा गया कचरे से इस बीमारी का कोई संबंध नहीं।
दलील सुनते ही कोर्ट सख्त हुई। कहा- दोपहर 2.30 तक शपथ-पत्र पर जवाब चाहिए कि सरकार इस बीमारी की रोकथाम के लिए क्या कर रही है। ढाई बजे पेश जवाब में कहा गया कि इंदौर में सेंपल जांच के लिए लेबोरेटरी स्थापित नहीं की जा सकती। ग्वालियर और जबलपुर में जो लैब है वह रक्षा मंत्रालय के द्वारा संचालित की जा रही है। केंद्र सरकार अलग लैब बनाने की पहल करती है तो राज्य सरकार मदद कर सकती है। इस पर गुरुवार शाम तक कोर्ट ने कोई निर्देश जारी नहीं किए थे। नगर निगम की तरफ से कहा गया कि हाई कोर्ट आदेश कर दे तो आज से ही कीटनाशक का छिड़काव शुरू कर देते हैं। एडवोकेट अजय मिश्रा ने यह जनहित याचिका दायर की है। एडवोकेट अजय बागड़िया, गजेंद्रसिंह ने पैरवी की।
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बच्चे भी मास्क पहन ऐहतियात बरत रहे हैं।
भोपाल में भी चार मौतें, मंत्री और सचिव को सीएम की हिदायत
भोपालमें भी गुरुवार को स्वाइन फ्लू से चार और मौतें हो गई। इस बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा और स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव प्रवीर कृष्ण को मीडिया में संयमित बयान देने की हिदायत दी।
दो पलंग रखे और बना दिया स्वाइन फ्लू वार्ड
रतलाम : आइसोलेशनवार्ड के एक कमरे में दो पलंग लगाकर स्वाइन फ्लू वार्ड बना दिया है। अभी तक कोई भी मरीज यहां एक दिन से ज्यादा नहीं रुका है। वार्ड में वेंटीलेटर नहीं है।
मंदसौर: जिलाअस्पताल में स्वाइन फ्लू वार्ड है किंतु वहां दो साल में सिर्फ एक संदिग्ध रोगी को कुछ घंटों के लिए भर्ती किया। जिला अस्पताल में जांच की व्यवस्था नहीं है। स्वाइन फ्लू से संबंधित लक्षण दिखने पर रोगी को इंदौर या उदयपुर भेज दिया जाता है।
धार: जिलाअस्पताल में आइसोलेशन वार्ड तो बनाया है, लेकिन इसमें सिर्फ दो ही पलंग हैं। बुधवार को दो मरीज आने पर अव्यवस्था दिखी। एक को पलंग पर दूसरे को पुरुष मेडिकल वार्ड में भर्ती करना पड़ा। गुरुवार को निजी अस्पताल से कड़ोदकला की एक महिला को जिला अस्पताल लाया गया। यहां आइसोलेशन वार्ड में कुछ समय रखकर इंदौर रैफर कर दिया।