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नवदीक्षित मुिन साध्वी की बड़ी दीक्षा में उमड़े समाजजन

6 वर्ष पहले
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शुभेशमुनिजी को पाट पर बैठाया, अनंतगुणाश्रीजी बनी पुण्यशीलाश्रीजी की शिष्या बनी

सिटीरिपोर्टर| रतलाम

नवदीक्षित शुभेशमुनि एवं महासती अनंतगुणाश्रीजी की बड़ी दीक्षा शनिवार को हुई। सैकड़ों समाजजन इसके साक्षी बने। उमेशमुनिजी के प्रथम शिष्य जिनेंद्रमुनिजी ने नवदीक्षित को बड़ी दीक्षा का पाठ पढ़ाया।

सवा घंटे चली दीक्षा विधि के बाद प्रवर्तकश्री ने प्रथम शिष्य के रूप में नवदीक्षित शुभेशमुनिजी को पाट पर बैठाया। महासती अनंतगुणाश्रीजी महासती पुण्यशीलाश्रीजी की शिष्या बनी। बड़ी दीक्षा के पाठ के बाद मधुर व्याख्यानी महासती प्रवीणाश्रीजी ने दीक्षा के प्रसंग पर भाव विस्तार से प्रकाश डाला। सज्जनमिल परिसर स्थित अणु वाटिका में बड़ी दीक्षा के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत सहित समाजजन मौजूद थे।

अहंकारनिकाल फेंके

संघीयसलाहकार चेतन्यमुनि ने शुभेशमुनि से कहा सरल स्वभाव के साथ गुरु की सच्ची सेवा कर अहंकार को जीवन से निकाल फेंकें। महासती अनंतगुणाश्रीजी से गुरुदेव का नाम ऊंचा करते हुए संसार में अनंत गुणों को फैलाने का कहा।

अणुवत्स संयतमुनि एवं सेवाभावी गिरीश मुनि ने गुरु भगवंत आचार्य देव उमेशमुनि को याद करते हुए एक बार जाओ गुरुवर...स्तवन सुनाया। इससे श्रद्धालु भावविभोर हो गए। धर्मेंद्र मुनि, संदीप मुनि, दिलीप मुनि, हेमंत मुनि, पुखराज मुनि, अभय मुनि, गिरीश मुनि, अतिशेयमुनिजी, ज्योतिप्रभा, संयमप्रभा, महासती धैर्यप्रभा, मुक्तिप्रभा, पुण्यशीला, अनुपमशीला, निखिलश्रीजी आदि संत और साध्वी के साथ रतलाम सहित आसपास के श्रीसंघों के सदस्य मौजूद थे।

जिनेंद्रमुनि का विहार

श्रीधर्मदास स्थानकवासी जैन युवा संगठन के शैलेष पिपाडा, संजय एम. कोठारी ने बताया स्वामी वात्सल्य श्री धर्मदास स्थानकवासी जैन युवा संगठन की ओर से हुआ। बड़ी दीक्षा के बाद प्रवर्तक जिनेंद्र मुनि ने सज्जनमिल परिसर से डोसीगांव की ओर विहार किया। गण परिषद अध्यक्ष ज्ञानचंद बुपक्या ने खाचरौद पधारने की विनती की। संचालन श्री धर्मदास गण परिषद के महामंत्री शांतिलाल भंडारी ने किया।

रतलाम | इसबार का चातुर्मास बड़े संतों के होगा। 328 दीक्षा देने वाले आचार्य गुणर| सूरी के शिष्य पदमभूषण विजयजी एवं रतलाम निवासी निर्पूणर| विजय, साध्वी कीर्तिरेखाश्रीजी ने चातुर्मास की स्वीकृति दी है। ये श्री देवसुर तपागच्छ श्री संघ एवं श्री ऋषभदेव केशरीमल जैन श्वेतांबर पेढ़ी ट्रस्ट की ओर से चातुर्मास में विराजित होकर धर्म की गंगा बहाएंगे। पारस भंडारी ने बताया श्री संघ द्वारा आचार्य वीर र|विजयजी आदि से मातमोर में जाकर चातुर्मास की विनती की जाएगी। आचार्य रामचंद्रसूरिजी आदि पोरवाड़ों का वास स्थित आराधना भवन में चातुर्मास करेंगे।