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स्कूल बस ने बालिका को कुचला, गुस्साई भीड़ ने आरक्षक को पीटा

5 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | नामली/रतलाम

रतलाम से 12 किमी दूर पंचेड़ में बुधवार सुबह एक स्कूली बस ने 8 साल की बालिका को कुचल दिया। बालिका की मौत से गुस्साए परिजन और आसपास रहने वाले लोगों ने मौके पर पहुंचे डायल 100 पर तैनात आरक्षक की पिटाई कर दी। ढाई घंटे से अधिक समय तक लोगों ने शव नहीं उठाने दिया। रतलाम, सैलाना, सरवन और नामली थाने से अतिरिक्त फोर्स गांव भेजा गया। जिस बस से दुर्घटना हुई, वह पंचेड़ के ही पूर्व सरपंच गोपाल चौधरी की है।

दुर्घटना सुबह 7.40 बजे हुई। सैलाना रोड बरबड़ स्थित मातृ विद्या मंदिर से अटैच बस सुबह 6.25 बजे गांव के बच्चों को स्कूल छोड़कर वापस गांव पहुंची थी। ड्राइवर को बस को गांव के चौक में खड़ा करना था। वह चौक की ओर बढ़ा इसी दौरान बस के अगले पहिए की चपेट में बालिका आ गई, मौके पर ही उसकी मौत हो गई। वह घर से किराने की दुकान की ओर जा रही थी। मृत बालिका का नाम खुशी पिता गोवर्धनलाल है। उसके पिता गोवर्धन नामली में अमरूद का ठेला लगाते हैं। दुर्घटना के वक्त वे ठेला लेकर नामली जा चुके थे। दुर्घटना के बाद ड्राइवर बस के साथ ही फरार हो गया। बीच गांव में हुई दुर्घटना से लोग आक्रोशित हो गए। हंगामे की सूचना के बाद डायल 100 मौके पर पहुंची ताे गुस्साए लोगों ने उस पर तैनात आरक्षक विजय के साथ मारपीट शुरू कर दी। गांव के ही कुछ अन्य लोगों ने उसे बचाया। इस वाकये के 10 मिनट बाद ही नामली टीआई विजय विश्वकर्मा और पुलिसकर्मी पहुंच गए। पुलिस ने शव जब्त करने का प्रयास किया तो गांव के लोग भड़क गए। वे बस जब्त करने और आरोपी ड्राइवर को गिरफ्तार करने की मांग पर अड़ गए। टीआई और अन्य पुलिसकर्मियों ने लोगों को समझाकर शांत किया और सुबह 10.30 बजे बालिका का शव जिला अस्पताल पहुंचाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्कूल बस को पंचेड़ का ही श्याम पिता भरतलाल जाट चला रहा था। शेष | पेज 13 पर





प्रकरण में पुलिस ने फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं की है।



आंखों देखी
पुलिस वाले ने कहा-चलो बॉडी उठाओ, लोग भड़क गए

गांव के भीतरी हिस्से में यह पहली दुर्घटना है। शव के आसपास बालिका के परिजन रो रहे थे, इसी दौरान डायल 100 गाड़ी गांव में पहुंची। उससे आरक्षक उतरा और उसने लोगों से कहा- अब क्या होना है, चलो बॉडी उठाओ और गाड़ी में डालो। आरक्षक का व्यवहार लोगों की समझ से परे था। वे नाराज हो गए, एकाएक कई लोगों ने उसे चारों ओर से घेर लिया और थप्पड़ जड़ने लगे। भीड़ में से ही कुछ लोगों ने बीच बचाव कर उसे एक तरफ बैठाया, पानी पिलाया। आक्रोशित लोग कुछ और कदम उठाते, इससे पहले ही टीआई और अन्य पुलिसकर्मी आ गए और लोगों को समझाइश दी। मुकेश पटेल, प्रत्यक्षदर्शी

बािलका खुशी।

डायल 100 के आरक्षक को पीटती भीड़।

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