रतलाम। एक तरफ निगम शहर की अवैध कॉलोनियों को वैध कर रहा है। शिविर लगाकर लोगों से विकास शुल्क जमा करवा रहा है वहीं दीनदयालनगर के पास स्थित हिम्मतनगर का विकास वैध और अवैध के चक्कर में उलझ गया है।
कॉलोनी के बाशिंदे सड़क, नाली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के इंतजार में हैं। वार्ड 20 में आने वाली यह कॉलोनी जनता गृह निर्माण सोयायटी ने 1984 में बसाई थी। यहां 200 परिवार हैं लेकिन सड़क नहीं है। पाइप लाइन होने के बाद भी पानी नहीं आता। घरों से निकलने वाला गंदा पानी सड़कों पर बहता है।
वैध कॉलोनियों की सूची में कॉलोनी का नाम है। इसी सूची के मुताबिक निगम को हस्तांतरित भी है लेकिन लोग जब भी नगर निगम जाते हैं तो अधिकारी अवैध कॉलोनी बता कर पल्ला झाड़ लेते हैं।
पता करेंगे : सिटी इंजीनियर सलीम खान ने बताया मामला मेरी जानकारी में नहीं है। यदि वैध होगी तो विकास कार्य शुरू करने की प्लानिंग की जाएगी।
तो क्या निगम का रिकॉर्ड गलत : क्षेत्रवासियों ने सूचना के अधिकार में निगम से जानकारी मांगी तो उसमें हिम्मतनगर को वैध कॉलोनी बताया। वैध कॉलोनियों की सूची में नाम बताने के साथ इसे निगम में हस्तांतरित होना भी बताया। ऐसे में या तो जनता झूठ बोल रही है या निगम का रिकॉर्ड।
विकास नहीं तो चुनाव का बहिष्कार : गोपाल के.
सोनी, वीणा
सोनी, कृष्ण कुमार शर्मा, जितेंद्र पांचाल, विनोद भट्ट, महेश राठौड़, ललित कुमावत सहित रहवासियों ने बताया हमारी कॉलोनी का नाम वैध कॉलोनी की सूची में है। लेकिन सड़क है और नाली।
2003 में कॉलोनी में पाइप लाइन डाली थी लेकिन आज तक पानी नहीं आया। जब भी नगर निगम में जाते हैं तो जवाब मिलता है। आपकी कॉलोनी अवैध है। इसलिए काम नहीं होगा। अब तो जनप्रतिनिधियों को बताते-बताते थक गए। यदि जल्द कॉलोनी में विकास कार्य शुरू नहीं होते तो निगम चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा।
दीनदयाल नगर के पास स्थित हिम्मत नगर में मूलभूत सुविधाओं का इंतजार है।