साधु का धन ज्ञान
साधु का धन ज्ञान है। साधु ऐसे स्थानों में रहते हैं जहां आराधना सुलभ होती है। संसारी को ऐसे स्थान में जाना पड़ता है जहां अनायास पाप ही होते हैं। यह बात शनिवार को भव्यकल्पाश्रीजी ने आराधना भवन में कही। सीमा लुनिया ने बताया साध्वीश्री 15 दिसंबर को सुबह 8.30 बजे आराधना भवन से महिला मंडल के साथ टाटानगर श्री शांतिनाथजी देरासर जाएंगी। सुबह 11 बजे तक साध्वीश्री आराधना भवन आएंगी। प्रवचन दोपहर 2 बजे से होंगे।