खाद के लिए छूट रहे पसीने
एसडीओकृषि आर.के. सिंह के अनुसार किसान यूरिया कम मात्रा में इस्तेमाल करें। 1 बोरी यूरिया का उपयोग 1 बीघा में करें वह भी तीन किस्तों में। इसमें भी कम से कम 20 दिन का अंतर रखें। एक साथ यूरिया डालने से फसल की एकाएक वृद्धि होती है जिससे फसल के उत्पादन पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।
सिटी रिपोर्टर. रतलाम
बोवनी कर चुके किसान का यूरिया खरीदने में पसीना छूट रहा है। दिनभर कतार में लगने के बाद भी तीन बोरी खाद से संतोष करना पड़ा रहा है। ऋण-पुस्तिका लाने के बाद भी जरूरत के मुताबिक खाद नहीं दिया जा रहा।
कृषि मंडी स्थित एग्रो गोदाम पर शनिवार सुबह 10 से शाम 6 बजे तक यूरिया बांटा गया। दो काउंटरों पर 365 किसानों को 1095 बोरी खाद दिया। अब 600 बोरी खाद बचा है। रविवार को वितरण नहीं होगा। सेामवार को बंटेगा। एक दिन पहले 918 बोरी यूरिया दिया गया था। बर्डिया के मानसिंह ने बताया वे खाद के लिए सुबह 8 बजे मंडी में गए थे। इसके पहले ही लंबी कतार लग चुकी थी। शाम 4 बजे नंबर आया तो तीन बोरी की पर्ची हाथ लग सकी। मुकेश कलोता ने बताया वह भी सुबह ही गया था। धीरे-धारे खिसकते हुए शाम 4 बजे नंबर आया।
इतनेमें कैसे चलेगा काम-बाजेड़ा केकालूसिंह सोलंकी ने बताया उन्होंने 28 बीघा में गेहूं और लहसुन बोया है। फसल में पानी दे दिया। 10 बोरी यूरिया की जरूरत है। तीन बोरी ही मिला। ऋण-पुस्तिका मंगा रहे हैं तो रकबे के अनुसार ही खाद देना चाहिए। धनेसरा के मोहरसिंह को भी 15 बोरी की जगह 3 बोरी ही मिल सका। अन्य किसान भी प्रशासन द्वारा बांटे जा रहे यूरिया से नाखुश हैं।
नियमानुसारदे रहे हैं
^ज्यादाकिसानों को यूरिया मिले। इसके लिए तीन-तीन बोरी दी जा रही है। एग्राे के पास 600 बोरी यूरिया बचा है। इसे सोमवर को बांटा जाएगा।^ विजयपांचाल, सहायकविक्रय केंद्र, एमपी एग्रो रतलाम