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दावे-आपत्ति की स्थिति साफ, निराकरण किया

7 वर्ष पहले
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नगरीयनिकाय चुनाव की मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन में आए दावे-आपत्तियों की स्थिति जनता जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में स्पष्ट हो गई। रजिस्ट्रीकरण अधिकारी टीम ने व्यवस्था संभाली।

निकाय चुनाव के लिए 28 अगस्त से 15 सितंबर तक वार्डों की मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन हुआ। इस पर जिला निर्वाचन कार्यालय रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एसडीएम) सुनीलकुमार झा को 115 दावे-आपत्ति मिले। कलेक्टर डॉ. संजय गोयल ने निराकरण के लिए रजिस्ट्रीकरण अधिकारी की मॉनीटरिंग में निगम के अधिकारियों इंजीनियरों की टीम लगाई थी। एक सप्ताह में टीम ने ऑन स्पॉट निरीक्षण कर एक-एक दावे-आपत्ति का निराकरण किया। सोमवार दोपहर 1.30 बजे रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के समक्ष उन्होंने स्थिति स्पष्ट की। यहां राजनीतिक दलों के पदाधिकारी, पार्षद आवेदक मौजूद थे। मीटिंग शाम 4 बजे तक चली। रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अफसरों की मानें तो दावे-आपत्तियों का लगभग निराकरण हो चुका है। एक-दो पर संशय की स्थिति बनी। वहां अफसरों की टीम के साथ आवेदक को भेजा और हाथोहाथ निराकरण कराया।

निराकरण हो चुका है

^मतदातासूची के प्रारूप प्रकाशन पर मिले दावे-आपत्तियों का निराकरण हो चुका है। एक-दो लोगों को संशय था। उन्हें निगम अफसरों की टीम के साथ भेज दावे-आपत्तियां निपटाई। राजनीतिक पदाधिकारियों, पार्षदों अन्य लोगों की मौजूदगी में निराकरण की स्थिति स्पष्ट कर दी।” सुनीलकुमारझा, रजिस्ट्रीकरणअधिकारी

गलतियां दूर करने पर चर्चा

^जिलाप्रशासन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी से निगम की मतदाता सूची की गलतियां दूर करने के संबंध में पहले ही बात हो चुकी थी। भाजपा ने अपनी तरफ से दावे-आपत्ति लगा मतदाता सूची की गलतियों से वाकिफ भी करा दिया था। इनका निराकरण लगभग हो चुका है।” बजरंगपुरोहित, भाजपाजिलाध्यक्ष

रात 8 बजे तक कलेक्टर की मीटिंग

शांतिसमिति के बाद कलेक्टर ने सभाकक्ष में जिले के प्रशासनिक अफसरों की मीटिंग ली। उन्होंने नगरीय निकाय चुनाव की मतदाता सूची की गलतियों को शत-प्रतिशत दूर कर निर्बाध चुनाव कराने पर जोर दिया। इसकी खातिर अफसरों को दिशा-निर्देश भी दिए। निगमायुक्त सोमनाथ झारिया, पीओ डूडा एस. कुमार सहित अन्य अफसर मौजूद थे।

दावे-आपत्तियों का निराकरण

^नगरनिगम की मतदाता सूची पर दावे-आपत्तियों का जिला प्रशासन ने बेहतर तरीके से निराकरण किया। हालांकि निराकरण की पूरी रिपोर्ट दे