सूपेकर की पत्नी भाग्यश्री ने भास्कर को बताया एक महीने से उन पर काम का काफी दबाव है। इससे वे परेशान हैं। उनकी पोस्टिंग आदर्श प्राथमिक विद्यालय आंबेडकरनगर में है लेकिन मौखिक आदेश पर उनसे जवाहर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय संकुल पर कम्प्यूटर ऑपरेटर का काम लिया जा रहा है। उनसे ट्रिपल एसएम आईडी बनवाने, छात्रवृत्ति का डाटा अपलोड करने सहित अन्य काम लिए जा रहे रहे थे। उन्होंने शिकायत डीईओ सीएम ऑनलाइन पर की तो परेशान किया जाने लगा। इससे तबीयत और बिगड़ गई। इस संबंध में संकुल प्राचार्य अनीता सागर से संपर्क करना चाहा लेकिन उन्होंने
मोबाइल रिसीव नहीं किया।
देर रात तक किया काम-सूपेकर की बेटी केतकी ने बताया पापा दो दिन पहले भी देर रात तक छात्रवृत्ति डाटा अपलोड करते रहे। तबीयत ठीक नहीं होने पर भी उन्हें मंगलवार को काम पर बुलाया। पापा का अटैचमेंट खत्म कर मूल कार्य कराने के लिए कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों से अनुरोध किया लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
बेवजह बना रहे मुद्दा : '' सूपेकर कम्प्यूटर के जानकार थे इसलिए उनसे काम ले रहे थे। निगम में एसएम आईडी बनाने में ड्यूटी लगाई थी लेकिन वे नहीं गए। उनकी शिकायत में हार्ट पेशेंट होने का उल्लेख नहीं था। कम्प्यूटर पर काम करना अटैक का कारण नहीं हो सकता। परिजन बेवजह मुद्दा बना रहे हैं।''
जे.के.शर्मा, डीईओ।