रतलाम। गांवों में इन दिनों पानी के लिए किसान बर्बाद हो रहे हैं। लगातार एक के बाद एक ट्यूवबेल खोदे जा रहे हैं बावजूद 1000 फीट नीचे भी पानी नहीं मिल रहा। कम बारिश ने जमीन का पानी पाताल में भेज दिया है। इससे किसानों की मुसीबत बढ़ गई है। अगली फसल के िलए पानी की व्यवस्था के लिए जगह-जगह ट्यूवबेल खोदे जा रहे हैं। अधिकतर ट्यूवबेल फेल हो रहे हैं। कई किसान एक से अधिक बोरवेल करा रहे हैं और पुरानी फसल की कमाई गंवा रहे हैं। ईसरथूनी के समरथ धाकड़ ने बताया धड़ल्ले से बोरवेल हो रहे हैं लेकिन पानी किसी में भी नहीं निकल रहा।
तमिलनाडु से मशीन लेकर आए लोगों के एजेंट गांव-गांव में फैले हैं। ये 50 से 60 रुपए फीट में बोरवेल खुदाई का ठेका ले रहे हैं। पानी नहीं निकलने पर दो-तीन जगह गहरी खुदाई कर रहे हैं। ट्यूबवेल में पानी निकला तो उसका रेट 200 रुपए फीट तक पहुंच रहा है। 1000 से 1200 फीट तक बोरवेल से पानी निकालने के लिए सबमर्सिबल पंप पावरफुल चाहिए। खुदाई और मोटर का पैसा जोड़ें तो एक ट्यूबवेल खनन में दो-ढाई लाख रुपए लग रहे हैं।
1000 फीट बाद पानी- जलस्तरभी तेजी से गिर रहा है। सहायक भू जलविद जयंत मूले ने बताया जिलेभर में ग्राउंड वाटर लेवल की स्थिति चिंताजनक है। धमोत्तर के दिनेश धाकड़ ने बताया सोमवार को गांव में तीन बोरवेल खुदे, जिसमें 1100 फीट पर पानी आया। गांव में दो महीने में 60 से अधिक बोरवेल खुद चुके हैं। मोरदा के रमेश पाटीदार ने बताया इस बार 20 से अधिक ट्यूबवेल फेल हो गए।
खतरनाक हालात-जिस तेजीसे बोरवेल खनन हो रहे हैं। ये खतरनाक है। 1000 फीट नीचे से भी पानी उलीच लिया तो मार्च-अप्रैल में हालत और खराब होगी। उस वक्त पानी कहां से लाएंगे।
तालाबोंपर ध्यान देना जरूरी-कम वर्षासे सूखे तालाबों का गहरीकरण और नए तालाबों के प्रोजेक्ट पर काम करना जरूरी है। अंडरग्राउंड वाटर लेबल बढ़ाने का ये एकमात्र साधन है। मंडी डायरेक्टर डीपी धाकड़ के मुताबिक डेरी तालाब बनने के बाद से अंबोदिया क्षेत्र में 300-400 फीट गहरी ट्यूबवेल में ही खूब पानी है। कुएं भी पानी दे रहे हैं।
यहां हुई चूक : कई किसान गेहूं और लहसुन वाली ज्यादा पानी की फसल बो रहे हैं। इन्हें चना या कम पानी में तैयार होने वाली फसल के लिए प्रेरित किया जाना था।
- टयूबवेल खुदाई पर तुरंत प्रतिबंध लगना था।
- तालाबों में जमा पानी को पेयजल के लिए अधिग्रहित करना था।
- नदी-नालों पर बने डेम के गेट बंद करने में भी देरी हुई। थोड़ा बहुत पानी था, वो भी बह गया।
गिरता जलस्तर
तहसील2013 2014 गिरा
आलोट2.85 5.75 -2.90
बाजना 0.7 2.5 1.80
जावरा 4.45 7.25 - 2.80
रतलाम 6.95 9.47 - 2.52
सैलाना 0.90 3.00 - 2.10
पिपलौदा 6.73 8.63 - 1.90
रोक लगाएंगे खुदाई पर : '' जल्दीही ट्यूबवेल खुदाई पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी होंगे। हर गांव से वाटर लेवल की जानकारी मांगी गई है।'' - डॉ.संजय गोयल, कलेक्टर।
- बोरवेल में बर्बाद कर रहे रुपए, 1000 फीट नीचे मिल रहा है पानी ।
- दूसरी फसल के लिए किसान गंवा रहे हैं पहली फसल की कमाई ।
(नामली के आसपास के गांवों में कई जगह बोरवेल खुले हैं। आसपास बच्चे भी खेलते रहते हैं। दुर्घटना हो सकती है। फोटो-महेंद्र कुमावत)