जीवन में कोई भी सुखी नहीं है : आर्जव सागर
आज के जीवन में तरह-तरह की परेशानियां हैं। कोई भी सुखी नहीं है। कोई तन से दु:खी है तो कोई मन से तो कोई धन को लेकर दु:खी है। पूरे संसार में यही स्थिति है। हमें मंदिर जाते समय लक्ष्य बनाना चाहिए कि हम रागद्वेष घर में ही छोड़कर आएं। ये रागद्वेष हमारे नहीं हैं।
यह बात आचार्य श्री आर्जव सागर महाराज ने स्टेशन रोड स्थित चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में बुधवार को धर्मसभा में कही। प्रारंभ में प्रतिभा पाटनी ने मंगलाचरण की प्रस्तुति दी। राजेंद्र बड़जात्या, राजेश जैन सुसनेर वाले, जितेंद्र जैन ने आचार्यश्री को शास्त्र भेंट किए। डॉ. निर्मल जैन, मंजू जैन, सुमन देवी जैन, सुनीता र|ावत, अनीता जैन, चारू अग्रवाल, कमल पापरीवाल, पवन जैन मौजूद थे।
रोजाना हो रहे प्रवचन-प्रवक्ता मांगीलाल जैन ने बताया आचार्यश्री के प्रवचन रोज सुबह 9 बजे हो रहे हैं।
धर्मसभा में उपस्थित महिलाएं। इनसेट- प्रवचन देते आचार्य श्री।