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क्यू ट्रैक ओके तो पहली ट्रेन इंदौर-अजमेर-इंदौर

6 वर्ष पहले
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रतलाम से धौंसवास तक का क्यू ट्रैक फिट होते ही सबसे पहली यात्री गाड़ी इंदौर-अजमेर-इंदौर चलेगी। रेल मंडल ने प्रस्ताव मुख्यालय भेज िदया है। इसके लिए ट्रेन नंबर 19653 व 19654 रतलाम-अजमेर-रतलाम को ही आगे बढ़ाया जाएगा। संभव हुआ तो इसे महू तक भी बढ़ाया जा सकेगा। इसके अलावा चार नई यात्री ट्रेनों के लिए परिचालन विभाग शेड्यूलिंग कर रहा है।

अगस्त में क्यू ट्रैक पर ट्रेनें शुरू हो जाएंगी। पहले मालगाड़ी उसके बाद शेड्यूल तय होते ही यात्री गाड़ी चलेगी। कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) सुशील चंद्रा ने बुधवार को रतलाम से धौंसवास तक के 5.7 किमी क्यू ट्रैक की जांच की। सबसे ज्यादा जोर पटरियों के जोड़ पर रहा। सीआरएस ने हर जोड़ चैक करते हुए फिलर गेज का पता लगाया। थाेड़ा बहुत गेप सभी में निकला लेकिन लिमिट में। सीआरएस चीफ इंजीनियर और प्रोजेक्ट इंचार्ज केके गुप्ता से बोले ठीक है, और सुधार हो सकता है। सीआरएस ने सुबह 10.58 बजे मोटर ट्रॉली से क्यू ट्रैक का निरीक्षण शुरू किया। 6 ट्रॉली में 50 से ज्यादा लोगों की टीम ने सबसे पहले घटला ब्रिज फिर डाउन यार्ड में ट्रैक की जांच की। इसके आगे के ट्रैक की कभी पैदल तो कभी ट्रॉली पर जांच करते हुए सीआरएस शाम 4.10 बजे धौंसवास स्टेशन पहुंचे। धौंसवास स्टेशन पर पहले से ही इंस्पेक्शन स्पेशल ट्रेन तैयार खड़ी थी। चित्तौड़गढ़ एंड पर ऑब्जरवेशन कोच लगाया था। सीआरएस शाम 6.15 बजे धौंसवास से रवाना हुए। 70 से 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रैक का ट्रायल करते हुए शाम 4.35 बजे वापस रतलाम पहुंचे। अधिकारियों से चर्चा के बाद शाम 6.15 बजे इंस्पेक्शन स्पेशल से ही फतेहाबाद होते हुए इंदौर चले गए। सीआरएस जब यहां पहुंचे तो उन्हें थ्रोट इंफेक्शन था। डॉक्टर ने चैकअप कर दवाई दी। हल्के बुखार में भी उन्होंने निरीक्षण पूरा किया। चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर अनिरुद्ध जैन, डीआरएम मनोज शर्मा, सीनियर डीओएम पीके सिंह, दो डिप्टी सीआरएस अधिकारी साथ थे। 21 जुलाई को सीआरएस लक्ष्मीबाईनगर-इंदौर सेक्शन का निरीक्षण करेंगे।

ट्रैक से घटला ब्रिज की ऊंचाई। ट्रेन के बाद छत की ऊंचाई। ओएचई के लिए जगह है या नहीं।

ब्रिज 373 बी के दोनों तरफ पीचिंग नहीं होने पर सीआरएस चीफ इंजीनियर केके गुप्ता को पीचिंग कराने का कहा। 25 से ज्यादा जगह फिलर गेज (पटरी का जोड़) चैक कराया।

स्केल से ट्रैक के बीच चौड़ाई नापी। जगह-जगह गिट्टी हटाकर गहराई भी नपवाई।

9.30 घंटे रतलाम में खड़ी रहती है अजमेर ट्रेन
अजमेर-रतलाम-अजमेर ट्रेन को इंदौर या महू तक चलाने में रेलवे को ज्यादा दिक्कत नहीं आएगी। क्योंकि यह ट्रेन 9.30 घंटे रतलाम में खड़ी रहती है। ट्रेन 19654 अजमेर से दोपहर 1 बजे चलकर रात 8.55 बजे रतलाम आती है। दूसरे दिन सुबह 6.40 बजे चलकर दोपहर 1.50 बजे अजमेर पहुंचती है। पर्याप्त समय होने से रेलवे ने सबसे पहले इसे चलाने का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा है।

ओवरऑल अच्छा रहा
ओवरऑल सीआरएस इंस्पेक्शन अच्छा रहा है। गुरुवार को इंदौर-लक्ष्मीबाईनगर का निरीक्षण है। रिपोर्ट करीब एक सप्ताह में आएगी। ओके रिपोर्ट आते ही मालगाड़ी तो तुरंत चला देंगे। यात्री गाडिय़ां का शेड्यूल भी जल्द फाइनल कर लिया जाएगा। डीआरएम मनोज शर्मा

क्यू ट्रैक

ऐसे जांचा
क्यू ट्रैक पर इस तरह गुजरी ट्रेन। इनसेट- मोटर ट्रॉली से ट्रैक का निरीक्षण करते सीआरएस। फोटो | राकेश पोरवाल

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