• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Ratlam
  • शकर की चासनी का करवा पूजन के बाद खुद खाएं और दूसरों को भी खिलाएं

शकर की चासनी का करवा पूजन के बाद खुद खाएं और दूसरों को भी खिलाएं

4 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
अभी तक आपने करवा चौथ पर पूजन में उपयोग होने वाले करवे में लोगों को सामान भरते ही देखा होगा लेकिन रतलाम में ऐसे भी करवे मिलते हैं जिन्हें खाया जा सकता है। यानी महिलाएं पूजन के बाद इन्हें खुद भी खा सकती हैं और दूसरों को भी खिला सकती हैं। इनकी डिमांड इंदौर, मुंबई, वडोदरा व अहमदाबाद सहित अन्य शहरों के कई परिवारों में भी है।

दरअसल ये करवे शकर की चासनी से बनते हैं। शहर के माणकचौक क्षेत्र में रहने वाला पालीवाल परिवार 25 वर्षों से चासनी के करवे बना रहा है। इनका निर्माण करवा चौथ के 10 दिन पहले ही शुरू हो जाता है और बिक्री भी शुरू हो जाती है। करवा चौथ वाले दिन महिलाएं पूजन के दौरान इसमें पानी भर कर उससे व्रत खोलती हैं। इससे पानी मीठा होकर शर्बत जैसा हो जाता है।

10 दिन पहले शुरू कर देते हैं निर्माण

चासनी के करवे 30 रुपए तक बिकते हैं। इन्हें पालीवाल परिवार करवा चौथ से दस दिन पहले बनाना शुरू कर देता है। इसके साथ ही इनकी बिक्री भी शुरू हो जाती है। करवा चौथ के दिन ज्यादा बिकते हैं।

माणकचौक स्थित दुकान से चासनी का करवा खरीदती महिला।

अभी करवे पालीवाल परिवार के सुनील व महेश बताते हैं। इसकी शुरुआत उनके पिता शंकरलाल ने 25 साल पहले की थी। एक करवा बनाने में 5 मिनट लगते हैं। रोज 300 से 400 करवे बन पाते हैं। इसमें मेहनत भले ही ज्यादा लगती हो लेकिन करवा चौथ पर जिस दंपती के यहां पूजा होती है उनमें मिठास बढ़ जाती है। यहां तक जाते हैं करवे- वडोदरा, अहमदाबाद, मुंबई, गोधरा, बांसवाड़ा, उदयपुर, दाहोद, झाबुआ, उज्जैन व इंदौर आदि स्थानों पर।

25 साल पहले शुरू किया था बनाना

भास्कर खास
खबरें और भी हैं...