रणजीत विलास पैलेस को अब म्यूजियम बनाने की प्लानिंग
अपना रतलाम
365 वां स्थापना दिवस
पहली बार महलवाड़ा की छत से शहर का नजारा
महलवाड़ा के कई फोटो आपने देखे होंगे लेकिन रतलाम स्थापना दिवस पर पाठकों के लिए दैनिक भास्कर लाया है महलवाड़ा के सबसे ऊपरी मंजिल के झरोखे से लिया गया शहर के नजारे का यह फोटो। फोटो जर्नलिस्ट प्रदीप नागौरा के साथ सीनियर रिपोर्टर शिवेंद्र दुबे टूटी सीढ़ियों और लगभग 6 फीट की छलांग लगाकर सबसे ऊंचाई पर पहुंचे और यह नजारा कैमरे में कैद किया।
स्थापना दिवस पर महलवाड़ा पर लाइटिंग।
फिलहाल निर्वसीयत स्थिति में
महलवाड़ा का निर्माण महाराजा रणजीतसिंह के शासनकाल में 1865-66 से 1880 के बीच किया गया। इसे राजस्थान और इटेलियन शिल्पियों ने सजाया था। वर्तमान में महलवाड़ा निर्वसीयत स्थिति में है।
राज्य संरक्षित स्मारक का था प्रस्ताव
तत्कालीन कलेक्टर दीप्ति गौड़ मुखर्जी ने भी महलवाड़ा की दशा सुधारने के प्रयास किए थे। उन्होंने इसे राज्य संरक्षित स्मारकों में शामिल करने के लिए सरकार को पत्र लिखा था लेकिन बात आगे नहीं बढ़ पाई। लगभग एक दशक पहले पर्यटन मंत्रालय ने महलवाड़ा को हैरिटेज होटल में शामिल किया, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर रुचि नहीं दिखाई गई।
रतलाम | अगर सबकुछ जिला प्रशासन की योजना के मुतािबक रहा तो रणजीत विलास पैलेस म्यूजियम में तब्दील हो जाएगा। जिला प्रशासन ने इसकी रूपरेखा तैयार कर ली है। कलेक्टर बी. चंद्रशेखर ने बताया महलवाड़ा के एक हॉल को सुधार कर म्यूजियम के रूप में तैयार करने की योजना है। वहां पर गुलाब चक्कर में रखी प्राचीन प्रतिमाओं व अन्य पुरातत्व महत्व की वस्तुओं को रखा जाएगा। सारा काम एक्सपर्ट की राय लेकर किया जाएगा।
स्थापना दिवस के अवसर पर शुक्रवार को निगम तिराहा स्थित महाराज रतनसिंह की छत्री पर आकर्षक लाइटिंग की गई। पढ़ें पेज 7 भी