एक आचार्य, एक गुरु और एक विचारधारा है तेरापंथ
मुनि रमेश कुमार व मुनि संबोध कुमार ने पत्रकार वार्ता में कहा
जैन समाज में सबसे छोटा संप्रदाय है तेरापंथ पर यह सबसे ज्यादा मर्यादित संगठन है। एक गुरु, एक आचार्य, एक विचार के आधार पर तेरापंथ कार्य करता है। देश में बहुत सी अव्यवस्थाएं हैं जो नियमों के उल्लंघन से उपजी हैं। नियमों का पालन डंडे के जोर पर नहीं, हृदय परिवर्तन व समर्पण से हो सकता है। यह बात प्रेस क्लब में तेरापंथ धर्मसंघ के 152वें मर्यादा सम्मेलन को लेकर शुक्रवार को तेरापंथ समाज के तेरापंथ धर्मसंघ के मुनि रमेश कुमार व मुनि संबोध कुमार ने पत्रकारों से कही। मुनि रमेश कुमार ने बताया तेरापंथ समाज मर्यादाओं का निर्वाह करता है इसलिए हर साल मर्यादा महोत्सव मनाया जाता है। बिहार के किशन गंज में राष्ट्रीय स्तर पर तेरापंथ के आचार्य महाश्रमण के सान्निध्य में मर्यादा महोत्सव का विशेष आयोजन किया जाएगा। रतलाम में 12 से 14 फरवरी तक मर्यादा महोत्सव मनाया जाएगा। पूरे देश में करीब 300 केंद्रों में 40 हजार सदस्य, 6 लाख से अधिक अनुयायी इस महोत्सव को मनाते हैं।
हम नियमों को थोपते नहीं
तेरापंथ में नियमों को थोपा नहीं जाता जो मर्यादाओं का पालन कर सकता है वह तेरापंथ में रहता है जो नहीं कर पाता वह स्वेच्छा से चला जाता है। मुनि संबोध कुमार ने बताया हेलमेट का उदाहरण देते हुए कहा आदमी जब घर से निकलता है तो सिर पर हेलमेट नहीं होता लेकिन पेट्रोल पंप पर हेलमेट लग जाता है, पेट्रोल भरवाने के बाद फिर नहीं होता। तेरापंथ में इस तरह नियमों का पालन नहीं हाेता।