राजनीित की ‘जमीन’ के झगड़े में उलझा डेम, सर्वे अटका
रतलाम ग्रामीण क्षेत्र में प्रस्तावित डेम विवाद का कारण बन गया है। ढाई साल पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा इस डेम के निर्माण की घोषणा की गई थी लेकिन अभी सर्वे भी नहीं हो सका। ग्रामीणों के बीच डेम की जगह को लेकर िववाद है। सर्वे करने पहुंची जल संसाधन विभाग की टीम को 2 बार किसानों ने उल्टे पांव लौटा दिया।
मामला कोटेश्वर-कुंडाल डेम का है। मंगलवार को बिरमावल, पिपलौदी, पीपलखूंटा, उमरन, धोलका, सरवड़ के किसानों ने कलेक्टोरेट में नारेबाजी की और कलेक्टर से मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप कोटेश्वर में ही डेम निर्माण की मांग की। इन किसानों को भाजपा विधायक मथुरालाल डामर का समर्थन है। गत शुक्रवार को भी कोटेश्वर क्षेत्र के किसानों ने मामले में कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया था। इनका कहना था डेम को ऊंचाई वाले क्षेत्र में कोटेश्वर से 2 किलोमीटर आगे बनाया जाए।
कुंडाल- कोटेश्वर डेम
आखिर कहां बने?
ग्राम कुंडाल में
या कोटेश्वर में
जगह के नाम से विवाद
कुंडाल में डेम की मांग को लेकर कांग्रेस समर्थित किसानों ने प्रदर्शन किया था। इनका आरोप है कुंडाल में डेम बनाने से विधायक मथुरालाल डामर की जमीन डूब में आएगी। वे डेम की जगह बदलना चाहते हैं।
मंगलवार को पहुंचे भाजपा समर्थित किसानों ने डेम कुंडाल के बजाए कोटेश्वर में बनाने की मांग रखी। इनका कहना है डेम के लिए कोटेश्वर का चयन किया गया था।
हकीकत यह है कि डेम निर्माण की घोषणा कुंडाल-कोटेश्वर के नाम से की गई जबकि दोनों स्थानों के बीच डेढ़ से 2 किमी की दूरी है।
आमने-सामने
मेरा कोई निजी हित नहीं
डेम का निर्माण ऐसी जगह हो जहां से ज्यादा किसानों को लाभ मिल सके। इसमें मेरा कोई निजी हित नहीं है। सर्वे पूरा हो जाएगा तो स्थिति अपने आप स्पष्ट हो जाएगी। फिलहाल तो कुछ लोग वहां सर्वे ही नहीं करने देना चाहते हैं। मथुरालाल डामर, विधायक
घोषणा अनुसार डेम बने
कुंडाल में डेम निर्माण इसलिए नहीं होने दिया जा रहा क्योंकि वहां विधायक की जमीन डूब में आएगी। वे कोटेश्वर में डेम बनवाना चाहते हैं। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप ही डेम का निर्माण किया जाए। प्रभु राठौर, जिला अध्यक्ष कांग्रेस
कोटेश्वर में बांध बनाने की मांग को लेकर मंगलवार को कलेक्टोरेट में तख्तियां लेकर पहुंचे ग्रामीण। फोटो | भास्कर
कलेक्टर के निर्देश, काम रोके तो एफआईआर कराओ
कलेक्टर ने टीएल बैठक में कुंडाल डेम के सर्वे को लेकर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से जवाब-तलब किया। एसडीओ रजनीकांत जामर ने बताया सर्वे टीम को ग्रामीणों के विरोध के कारण लौटना पड़ा। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि विभाग जल्द सर्वे शुरू करे और काम में बाधा बनने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराए।