- Hindi News
- संघ पदाधिकारियों को पीटने वाले दो पुलिसकर्मी लाइन अटैच
संघ पदाधिकारियों को पीटने वाले दो पुलिसकर्मी लाइन अटैच
आरएसएसपदाधिकारियों के साथ मारपीट करने वाले दो पुलिसकर्मियों को शुक्रवार को एसपी ने लाइन अटैच कर दिया। मामले की विभागीय जांच के आदेश भी दिए। जांच सीएसपी करेंगे।
गुरुवार रात सब्जी मंडी से एक बाइक पर तीन सवारी जा रहे आरएसएस के खंड कार्यवाह विनोद पाटीदार, तहसील सह शारीरिक प्रमुख संतोष पाटीदार नौकर किशन को दो बत्ती पर पुलिसकर्मियों ने रोका था। उनसे बाइक के कागज मांगे थे। इस दौरान विवाद हुआ और पुलिसकर्मी संघ पदाधिकारियों को पीटते हुए थाने ले गए।
एसपी डॉ. आशीष ने शुक्रवार सुबह आरक्षक रामकृष्ण नागदा और प्रधान आरक्षक शफत खान को लाइन अटैच करने का आदेश दिया। उन्होंने सीएसपी पी.एस. राणावत को विभागीय जांच सौंपी। उन्हें एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। विनोद पाटीदार के आवेदन की जांच भी सीएसपी ही करेंगे।
घटनाक्रमपर उठे सवाल
संघपदाधिकारियों के साथ मारपीट और थाने का घेराव, विरोध प्रदर्शन चक्काजाम को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अमूमन संघ के स्वयंसेवक राजनीतिक दल की तरह चक्काजाम या थाने का घेराव नहीं करते हैं। शुक्रवार दिनभर शहर में इसकी चर्चा रही।
{सवाल-आरएसएस काइतिहास कभी थाना घेरना, चक्काजाम नहीं रहा, फिर ऐसा कदम क्यों उठाया?
जवाब-संघकभी कानून तोड़ने में विश्वास नहीं करता, अन्याय को सहन करना भी गलत है। उसके खिलाफ आवाज तो उठानी चाहिए।
{सवाल-पदाधिकारियोंके साथ मारपीट हुई तो सड़क पर उतर आए, आम लोगों के साथ ऐसा हो तब विरोध क्यों नहीं करते?
जवाब-आमलोगों की आवाज उठाने के लिए राजनीतिक दल हैं। हम कानून का पालन करते हैं पर यदि कोई संघ पर ही टिप्पणी करे तो जवाब देना गलत नहीं है।
{सवाल-पदाधिकारीमारपीट के बाद अस्पताल में भर्ती हुए, केवल निलंबन की मांग की, एफआईआर की क्यों नहीं?
जवाब-हमनेकार्रवाई की मांग की है। एसपी जांच के बाद निश्चित कार्रवाई करेंगे, ऐसा हमारा विश्वास है।
{सवाल-कोईअधिकारी आपके पदाधिकारी के कपड़ों पर कमेंट्स करता है, कार्रवाई केवल छोटे पुलिसकर्मियों पर होती है, आपने क्या किया?
जवाब-हमनेंएसपी से यातायात थाना प्रभारी के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है। आगे का काम उन्हें करना है।
{सवाल-पुलिसके वाहन चैकिंग अभियान को आप लोग कैसे देखते हैं, सही या गलत?
जवाब-हमकानून का सम्मान करते हैं। अपेक्षा करते हैं सभी कानून का सम्मान करें। गलत हैं तो चालान बनाओ पर व्यवहार तो ठीक रखो।