डेम के सर्वे के लिए पहुंचे तो ग्रामीणों ने जताया विरोध
कुंडाल डेम के लिए गुरुवार से जल संसाधन विभाग ने सर्वे शुरू किया। जैसे ही विभाग का दल पहुंचा ग्रामीणों ने विरोध जताना शुरू कर दिया। इमलीपाड़ा के ग्रामीणों ने बताया हमारे पास पहले ही एक से डेढ़ बीघा जमीन है। डेम बनेगा तो यह जमीन भी डूब में चली जाएगी। इससे गुजारा करना मुश्किल है। डेम को कुंडाल में बनाया जाए ताकि डूब में जमीन ना आए। तहसीलदार अजय हिंगे एवं जल संसाधन विभाग के एसडीओ रजनीकांत झामर ने लोगों को समझाया अभी डेम नहीं बना रहे हैं। डेम के लिए सर्वे किया जा रहा है। इसके बाद ही डेम का निर्माण किया जाएगा।
एसडीओ ने बताया ग्रामीणों को समझाने के बाद सर्वे शुरू कर दिया है। 8 दिन में सर्वे का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद डेम निर्माण के लिए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
किसी भी आदिवासी की जमीन डूबने नहीं दी जाएगी
आदिवासी विकास परिषद के जिलाध्यक्ष किशन सिंघाड़ ने बताया पहले कुंडाल में डेम प्रस्तावित था। इसे नीचे की साइड बनाया जा रहा है। इससे इमलीपाड़ा और आसपास के गरीब किसानों की जमीन डूब में आ रही है। कई किसान तो ऐेसे हैं जिनके पास डेढ़ से दो बीघा जमीन है और वो भी डूब में जा रही है। इससे वे गुजर बसर कैसे करेंगे। किसी भी आदिवासी की जमीन नहीं डूबने जाएगी। भले ही इसके लिए आंदोलन क्यों ना करना पड़े। सविता भंवर, सुरेश पाटीदार, मोहनलाल आदि मौजूद थे।
डेम के सर्वे के लिए पहुंची टीम को घेरकर विरोध जताते ग्रामीण।