चूहों के बिल देखकर पूछा क्या चैक करते हैं अधिकारी
स्कूल का कमरा होने के बाद भी बिल हो रहे हैं। ऐसे कमरे में बच्चे कैसे पढ़ते होंगे। कल से कोई घटना होगी तो कौन जवाबदार होगा। शिक्षा विभाग के अधिकारी क्या चैक करते हैं। क्या उन्हें ये बिल दिखाई नहीं देते।
जिला पंचायत अध्यक्ष परमेश मईड़ा ने सदभावना कार्यक्रम के दौरान लोद के माध्यमिक स्कूल में गुरुवार को यह बात कही। वे यहां सदभावना कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। उन्होंने कलेक्टर बी. चंद्रशेखर को भी स्कूल की स्थिति दिखाई। इस पर कलेक्टर बोले एेेसे स्कूलों की जांच कराई जाएगी और अभियान चलाकर स्थिति सुधारी जाएगी। ताकि आगे स्कूलों के कमरों की यह स्थिति ना रहे। विधायक जितेंद्र गेहलोत, आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त प्रशांत आर्य भी मौजूद थे।
पहले हो चुकी है सांप द्वारा डसने की घटना
जिला पंचायत अध्यक्ष ने बताया सालाखेड़ी के आंगनवाड़ी केंद्र और बिरमावल के छात्रावास भवन में भी इस तरह की घटना हो चुकी है। यहां बच्चों को सांप ने डस लिया था।
लोद के स्कूल का जिपं अध्यक्ष ने किया निरीक्षण