जन्म प्रमाण पत्र पहचान का पहला दस्तावेज
रतलाम | व्यक्ति की पहचान का पहला दस्तावेज उसका जन्म प्रमाण पत्र होता है। उसके जन्म के 21 दिन तक शासन इसे नि:शुल्क प्रदान करता है। 2 साल तक सही नाम लिखने की छूट देती है।
यह बात सांख्यिकी विभाग के जिला परियोजना अधिकारी बी.के.पाटीदार ने आनंद कॉलोनी स्थित नवीन कन्या उमा विद्यालय में आयोजित लोकवाद ग्रुप के सही नाम- सही पहचान अभियान कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होंने बताया आजकल जन्म प्रमाण पत्र डिजिटल बनने लगे हैं और बच्चे के जन्म के 21 दिन के अंदर पालकों को मिल जाते हैं। अगर बच्चे का जन्म अस्पताल के बाहर होता है पालकों को चाहिए कि वे तुरंत नगर निगम, पंचायत में पंजीयन कराएं ताकि उन्हें समय पर प्रमाण पत्र मिल सके। प्रमाण पत्र बनाने में देरी होगी तो सालाना के हिसाब से विलंब शुल्क चुकाना होगा। कार्यक्रम के दौरान गायत्री परिवार के सदस्य गोपाल सिंह तोमर ने दस्तावेज के प्रति सजग रहने व पर्यावरण को बचाने की बात कही। अभियान संयोजक सैयद शाहिद मीर ने बताया अब यात्रा करना या परीक्षा देना हो तो आपको सही प्रमाण देना होते हैं अगर एेसा नहीं हो तो आप उससे वंचित हो जाते हैं। प्राचार्य दिलीप मूणत, टीआई ताहेरा खान, रईस खान, आयुष पडियार, एम. शर्मा सहित छात्राएं मौजूद थीं।