नालों की सफाई में तेजी, मवेशी पकड़े
नगर निगम का पूरा अमला मंगलवार को हरकत में नजर आया। कलेक्टर ने यातायात व स्वच्छता को लेकर सोमवार शाम ही लगाम कसी थी। इसका असर भी देखने को मिला। सुबह से ही महापौर डॉ. सुनीता यार्दे अचानक नालों की सफाई का कार्य देखने निकल पड़ीं तो दिन चढ़ते निगम की गैंग यातायात में बाधा बनने वाले आवारा मवेशियों की धरपकड़ में लग गई। दिनभर की कार्रवाई के बाद अफसर राहत ही ले रहे थे कि महापौर ने निर्माण कार्य जल्द पूरा करने को लेकर बैठक बुला ली। इस तरह मंगलवार को निगम में देर शाम तक अफसरों की दौड़ लगती रही।
मैदानी भागदौड़ के उलट कुछ निगम अधिकारी दिनभर दफ्तरों में बैठकर फाइलों में सिर खपाते नजर आए। कलेक्टर ने दुकानों के आगे पार्किंग लाइन, ट्रैफिक सिग्नल चालू करने सहित कई बिंदुओं पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। अधिकारियों की मानें तो जल्द ही बाजारों में पार्किंग लाइन डालने शुरू हो जाएगी। स्थायी रूप से दुकान के आगे वाहन खड़े करने पर पार्किंग शुल्क वसूला जाएगा। इसके लिए परिषद में प्रस्ताव लाया जाएगा।
फिर शुरू हुई मवेशियों की धरपकड़
कुछ दिन से बंद आवारा मवेशी पकड़ने की मुहिम मंगलवार को फिर शुरू हो गई। निगमकर्मियों के साथ मवेशी पकड़ने वाली गाड़ी दिनभर अलग-अलग क्षेत्रों में घूमकर मवेशी पकड़ती नजर आई। मंगलवार को एक दर्जन से अधिक मवेशी पकड़कर सखवालनगर गोशाला में छोड़े गए। स्वास्थ्य अधिकारी राजेंद्रसिंह पंवार ने बताया पशु मालिकों से जुर्माना वसूल कर ही छोड़ा जाएगा। मुहिम लगातार चलाई जाएगी।
ठेकेदारों को 7 दिन में काम पूरा करने के नोटिस दें
शाम को महापौर डॉ. यार्दे ने जनकार्य एवं उद्यान समिति की बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्य में तेजी लाने के साथ ग्यारंटी वाली सड़कों के ठेकेदारों को 7 दिन में काम पूरा करने के नोटिस जारी करें। साथ ही अधिकारियों से कहा कि इसके बाद भी काम नहीं हो तो ठेकेदार की जमा राशि से काम करवाएं। महापौर ने वार्डों के स्वीकृत कार्यों के एक सप्ताह में एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। यास्मीन शेरानी, शांतिलाल वर्मा, रणजीतसिंह परिहार, कार्यपालन यंत्री एसएस राजावत, एम.के. जैन, श्याम सोनी सहित अन्य उपस्थित थे।
यह कार्रवाई भी हुई
2.45 लाख रुपए का संपत्तिकर कसारा बाजार व राजेंद्रनगर में लगे शिविर में निगम को प्राप्त हुआ।
जलप्रदाय विभाग ने कसारा बाजार, राम मोहल्ला, हनुमान रुंडी, राजेंद्र नगर, कलीमी कॉलोनी, हाट रोड, शुभमश्री सहित अन्य क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए 20 पेयजल शुल्क बकायादारों के नल कनेक्शन काटे।
सुबह आयुक्त सोमनाथ झारिया ने सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। इसमें अनुपस्थित पाए जाने पर 29 सफाई संरक्षकों पर वेतन काटने की कार्रवाई की गई।
अचानक सफाई व्यवस्था देखने पहुंचीं महापौर
महापौर डॉ. सुनीता यार्दे सुबह अचानक नालों की सफाई कार्य का निरीक्षण करने निकल पड़ीं। वे सीधे अमृत सागर तालाब पहुंची, जहां का नाला जाम हो रहा था। निगम अमले ने उसे हाल ही में साफ किया है। दलदल नुमा गाद होने पर कर्मचारियों ने महापौर को बताया कि कैसे जान जोखिम में डालकर नाले की सफाई की। महापौर यहां से वार्ड 44 स्थित सिलावटों का वास, हरिजन बस्ती, अमृत सागर, मोचीपुरा, शेरानी पुरा, आनंद कॉलोनी तथा जोन क्रमांक 2 के क्षेत्र में की जा रही नालों की सफाई का निरीक्षण किया। स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन समिति प्रभारी भगतसिंह भदौरिया, पार्षद सुशील सिलावट, जाकीर रावटीवाला, स्वास्थ्य अधिकारी राजेंद्रसिंह पंवार आदि भी उनके साथ थे। शाम को महापौर ने न्यू रोड, अजंता टॉकीज क्षेत्र का निरीक्षण किया। पार्षद शांतिलाल वर्मा साथ थे। डाॅ. यार्दे ने वस्तुस्थिति देखकर निगम अधिकारियों को समस्या हल करने के निर्देश दिए।
अमृत सागर तालाब नाले की सफाई कार्य देखतीं महापौर।
कार्रवाई
महापौर से लेकर कर्मचारी तक दौड़ते रहे दिनभर, शाम को निर्माण कार्यों की समीक्षा