सार्वजनिक बगीचे में शादी, कलेक्टर ने मांगी निगम आयुक्त से जानकारी
कलेक्टोरेट में हर मंगलवार को जनसुनवाई में कलेक्टर ने लोगों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया। उन्होंने इंदिरा आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड के लिए पात्रता पर्ची, विभिन्न प्रकार के बंटवारों के प्रकरणों के निराकरण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। कलेक्टर तय समय में प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर बी. चंद्रशेखर से इंदिरा नगर स्थित सरकारी मैदान में स्थित सांई मंदिर के अध्यक्ष पर मनमानी करने व छोटे व कमजोर तबके के लोगों को मांगलिक कार्यक्रम नहीं करने देने की शिकायत की गई। शिकायत में बताया वे मांगलिक भवनों का खर्च वहन नहीं कर सकते हैं इसलिए मैदान में शादी करने के लिए विवाह पंडाल लगाना चाहते हैं जिसमें अध्यक्ष के द्वारा विरोध कर कार्यक्रम नहीं होने दिये जाते हैं। कलेक्टर ने नगर निगम आयुक्त को समस्या का निराकरण करने के निर्देश दिए। साथ ही जानना चाहा कि भूमि का क्या उपयोग प्रावधानित है। जन सुनवाई में रतलाम तहसील के ग्राम नगरा के राकेश गणेश राठौर ने शिकायत की कि उसके द्वारा मुख्यमंत्री आवास योजनांतर्गत मकान बनाने हेतु चार बार आवेदन पत्र ग्राम पंचायत में प्रस्तुत किए गए। ग्राम पंचायत द्वारा उसे योजना का लाभ नहीं दिया जा रहा है। कलेक्टर ने जनपद पंचायत रतलाम के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निर्देशित किया कि संबंधित आवेदनकर्ता को नियमानुसार लाभ दिलाया जाना सुनिश्चित करें। जनसुनवाई में रतलाम तहसील के ग्राम बेरछा के कृषकों के द्वारा शिकायत की गई कि सूखा राहत राशि देने के लिए किए सर्वे में उनके खेतों का सर्वे नहीं किया है। कलेक्टर ने अधीक्षक भू-अभिलेख ममता खेड़े को तत्काल प्रकरण बनाकर रखने के निर्देश दिए।
एसपी से बात की, पीड़िता को भेजा- कलेक्टर ने एसपी अविनाश शर्मा से फोन पर चर्चा कर पति द्वारा छोड़कर चले जाने एवं तीन बच्चों के पालन पोषण में असमर्थता व्यक्त करने वाली पीड़िता मेरियन पारूल वर्मा को एसपी कार्यालय भेजा। उन्होंने पीड़िता की शिकायत पर आवश्यक कार्रवाई करने का कहा। शिकायत में कहा गया कि पीडि़ता का पति रवि वर्मा 6 माह से प|ी एवं बच्चों को छोड़कर गायब है।
न रुपए लौटा रहे और न प|ी को बदल रहे
लाखिया (रावटी) निवासी मंगल सिंह ने बताया उसकी पहली प|ी से चार बच्चे हैं। आरोपी नानजी मईड़ा निवासी खेरखूटा ने लक्ष्मण और संगीता को बहन और जीजा बनकर मिलवाया। संगीता ने परित्यक्ता भूलीबाई पारगी को दिखाकर उससे शादी की बात चलाई। आदिवासी परंपरा के अनुसार डेढ़ लाख रुपए दिए। आरोपियों ने भूलीबाई की जगह गुड्डीबाई को घूंघट निकलवाकर घर भेज दिया। संगीता और लक्ष्मण से कहा तो उन्होंने गलती मानते हुए गुड्डीबाई की जगह भूलीबाई को भेजने का आश्वासन दिया। एक महीने बाद पूछताछ की तो उन्होंने गुड्डीबाई से ज्यादती की शिकायत करवाने की धमकी देते हुए पांच लाख रुपए मांगे। अब आरोपी न प|ी को बदल रहे हैं न रुपए लौटा रहे हैं।
कलेक्टर के पास पति की शिकायत लेकर पहुंची पारूल
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