बच्चों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुति, मेधावियों को मिला सम्मान
सिंधी समाज की अग्रणी संस्था भारतीय सिंधु सभा का मेधावी प्रतिभा सम्मान, पुरस्कार वितरण व सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ। संत कंवरराम सिंधु नगर स्थित श्री गुरुनानक सिंधु भवन पर हुए कार्यक्रम में बच्चों ने रंगारंग प्रस्तुति दी। मुख्य अतिथि समाजसेवी एवं विहिप जिलाध्यक्ष भगवानदास त्रिलोकचंदानी थे। अध्यक्षता भाजपा के मंडल अध्यक्ष रमेश बदलानी ने की। विशेष अतिथि आरएसएस के विभाग प्रचार प्रमुख डॉ. र|दीप निगम थे। समाज के मेधावी बच्चों को पुरस्कृत किया। साथ ही समाज के श्रेष्ठ सदस्यों का विशेष सम्मान किया। भारतीय सिंधु सभा के मीडिया प्रभारी मुकेश नैनानी ने बताया उक्त कार्यक्रमों सफल बनाने में भारतीय सिंधु सभा के अध्यक्ष आनंद कृष्णानी, संरक्षक विष्णु प्रसाद भाग्यवानी, मुरली अवतानी, विनोद करमचंदानी, संतोष लालवानी, एफ. एम. धनवानी, राजू परियानी, आशा कुंगवानी, सपना गनवानी, डिम्पल भाग्यवानी, वीना अवतानी, रमेश नाथानी, देवानंद खत्री, राजेश गुरबानी, दीपू केवलानी, रमेश आसवानी आदि की भूमिका रही।
इन्हें किया पुरस्कृत
समाजसेवा एवं धर्मक्षेत्र की सेवा के लिए रतलाम सिंधु श्री के रूप में भगवानदास त्रिलोचंदानी, विविध सेवा क्षेत्र में विशेष उपलब्धि के लिए डॉ. नीलेश वाधवानी, मुरली अवतानी, चंदू शिवानी, डॉ लीला जोशी, हासी शिवानी को सम्मानित किया। सिंधु सभा सहयोग श्री सम्मान रमेश करनानी, अनिल नोतानी, मनीषा टिंडवानी, रेणू मुरली फूलवानी को, भारतीय सिंधु सभा रतलाम श्रेष्ठ कार्यकर्ता सम्मान अमर वरधानी, कमलेश दरवानी, विक्यो, गिरीश वाधवानी, रमेश चौइथानी को, राजू परियानी परिवार की ओर से मन्नू शिवानी, राज चांदवानी, अन्य गतिविधि सम्मान ज्योति गुरनानी, गीता भोजवानी, मनीष डबरानी को दिए गए । इस अवसर पर कई सालों से समाजसेवा में रत भारतीय सिंधु सभा के जिलाध्यक्ष आनंद कृष्णानी का विशेष सम्मान हासी शिवानी की ओर से किया गया और उनकी सेवाओं को याद किया गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में इन्हें मिला पुरस्कार
प्रथम पुरस्कार- कृष्ण लीला नाटक’ में हार्दिक अवतानी, डाली परियानी, ‘एबीसीडी गायन’ में यशि केवलानी।
द्वितीय पुरस्कार- ‘जेके नानक शाहजी ओट’ में गुंजन केवलानी, ‘मुखे लालन सा आहे प्यार’ के कलाकारों को।
तृतीय पुरस्कार ‘जादूगर जोगीयडा’ में ट्विंकल मुकेश नैनानी, ‘तिजडी थी रखा में’ तनीषा मनीष नैनानी, दिशा करमचंदानी, हर्षिता, आयुष वाधवानी, एवं ‘पहिजी हलंदि हलायेजा ‘वंशिका वचानी को दिया।
सेवा के लिए पुरस्कृत करते हुए।