पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Ratlam
  • सुख आए या दु:ख मन को मैनेज करना सीखना होगा

सुख आए या दु:ख मन को मैनेज करना सीखना होगा

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
रतलाम | सुख आए या दु:ख। मन को मैनेज करना सीखें। सुख आए तो कचौरी की तरह फुले नहीं और दु:ख आए तो सूंढ की तरह सिकुड़े नहीं। हमारा लक्ष्य सुख-दु:ख के पहियों पर चलने वाले जीवन रथ के कुशल सारथी बनने का होना चाहिए। मन हर परिस्थिति में समभाव से जीवन अभ्यस्त बनना चाहिए। यह बात आचार्य मुक्तिप्रभ सूरि ने विहार के दौरान तारापुर में कही। विजय कुमार लुनिया ने बताया आचार्य श्री मंडल सहित अयोध्यापुरम पहुंचेंगे।

खबरें और भी हैं...