प्राणी मात्र के प्रति दया रखें
प्राणी मात्र के प्रति करुणा भाव एवं विश्व शांति के लिए कबीर साहब के उपाश्रय पर साध्वीश्री दिव्यपूर्णाश्रीजी ने आचार्य श्री नवर|सागर सूरीश्वरजी द्वारा रचित महामांगलिक का उपस्थित श्रद्धालुओं को श्रवण कराया। आचार्य सागरानंद सूरीश्वर द्वारा लगभग 75 वर्ष पूर्व जिस पाटगादी पर सातवां आगम का वाचन किया गया था, उसी पाट पर बैठकर साध्वीश्री दिव्यपूर्णाश्रीजी ने महामांगलिक श्रवण कराया। साध्वीश्री गुणाज्ञाश्रीजी एवं दिव्यप्रज्ञाश्रीजी उपस्थित थीं। आचार्य श्री नवर|सागर सूरीश्वरजी द्वारा वर्षों से प्रति सुदी एकम को महामांगलिक का आयोजन होता रहा है। पिछले दिनों उनके काल धर्म होने से यह प्रथम महामांगलिक साध्वीश्री द्वारा श्रवण कराया। श्री शांतिनाथ जिनालय पर श्री आदिनाथ पंचकल्याणक पूजन हुई। प्रवक्ता पारसमल खेड़ावाला ने बताया जिनालय परिसर में श्री धर्मोत्तेजक महिला मंडल द्वारा श्री आदिनाथ पंचकल्याणक पूजा सौभाग्यमल सोहनबाई डांगी परिवार की ओर से हुई। बुधवार को श्री मरुदेवा महिला मंडल द्वारा श्री नव्वाणु प्रकारी पूजन होगी। पूनमचंद ज्ञानमल सुराना के आत्मश्रेयार्थ श्री नवग्रह दषदिक्पाल पाटला पूजन विधि एवं संगीतकार मोहनलाल कांसवा, प्रवीण बरबोटा द्वारा कराई जाएगी।