विवादित जमीन पर काट दिए प्लॉट विरोध पर रुकी गुमटियों की शिफ्टिंग
विवादित जगह पर प्लॉट काटे जाने के कारण जीरो टॉलरेंस जोन से हटाई गुमटियों को बाजना बस स्टैंड के पास शिफ्टिंग का मामला अटक गया है। अधिकारियों द्वारा जगह फाइनल करने के बाद शुक्रवार रात को ही इंजीनियरों ने प्लॉट काटे थे। शनिवार दोपहर जब दुकानदार गुमटी रखने पहुंचे तो एक महिला ने जमीन को अपना बताकर हंगामा किया। मामला कोर्ट में भी है। जमीन और कोर्ट के कागज देखने के बाद निगम अधिकारी ही नहीं गुमटीधारियों को भी उल्टे पैर लौटना पड़ा।
नगर निगम कालिकामाता बगीचे के सामने आंबेडकर भवन वाले मोड़ से कोर्ट तिराहे तक के करीब 100 मीटर क्षेत्र को जीरो टॉलरेंस जोन बनाने जा रहा है। इसके लिए क्षेत्र में गुमटी लगाकर व्यवसाय करने वालों को अमला दो दिनों से हटा रहा है। शुक्रवार को राज्य वित्त आयोग की बैठक में मुद्दा पर उठने पर निगम अधिकारियों ने ताबड़तोड़ गुमटीधारियों को बाजना बस स्टैंड के पास प्लॉट देने की योजना बनाई थी। शुक्रवार शाम ही एसडीएम एसके झा, निगम आयुक्त सोमनाथ झारिया, यातायात डीएसपी जेके दीक्षित ने जगह फाइनल की थी। रात को ही इंजीनियरों ने प्लॉट भी काट दिए थे। शनिवार को उपयंत्री महेंद्रकुमार जैन, भैयालाल चौधरी के साथ गुमटीधारी प्लॉट लेने पहुंचे तो सपना नामक महिला ने विरोध शुरू कर दिया। उसका कहना था जमीन उसके पिता तेजू प्रजापति की है, जिसका कोर्ट में केस चल रहा है। निगम अधिकारियों को जमीन के बारे में कोई जानकारी नहीं थी इसलिए काफी देर तक गुमटीधारियों, महिला और अधिकारियों में खींचतान चलती रही। सही स्थिति पता करने के लिए पटवारी ध्रुवलाल निनामा को बुलाया गया। महिला के कागज देखने के बाद पटवारी और निगम अधिकारियों ने गुमटीधारियों को दूसरी जगह प्लॉट देने का आश्वासन दिया।
नई जमीन की तलाश शुरू - गुमटियों को शिफ्ट करने के प्रशासन ने नई जगह की तलाश शुरू कर दी है। शाम को एसडीएम एसके झा ने पटवारी निनामा के साथ अमृतसागर तालाब के आसपास िस्थत दो-तीन जगह देखी है। सरकारी रिकॉर्ड देखने के बाद इनमें से किसी एक को फाइनल किया जाएगा।
फिलहाल शिफ्टिंग रोक दी
जीरो टॉलरेंस जोन से लगभग 50 गुमटीधारियों को हटाया जाना है। इतने ही प्लॉट काटे थे। निर्धारित जमीन का मामला कोर्ट में होने से फिलहाल शिफ्टिंग रोक दी है। अब नई जगह प्लॉट उपलब्ध कराएंगे। एमके जैन, उपयंत्री, नगर निगम
स्थानांतरित कर देंगे
शासन के रिकॉर्ड में जमीन सरकार की ही है। तेजू प्रजापति खुद को मालिक बताता है। इसका कोर्ट में प्रकरण चल रहा है। शनिवार शाम ही नई जमीन देखी है, जल्द ही गुमटीधारियों को स्थानांतरित कर दिया जाएगा। ध्रुवलाल निनामा, पटवारी
नोटिस पर दिया था जवाब
जमीन हमारी है। नोटिस आने पर जवाब भी दिया था। नहीं मानने पर कोर्ट में केस लगाया था। निचली कोर्ट से हमारे पक्ष में फैसला होने पर नजूल ने 2004 में हाईकोर्ट में केस लगा दिया। वहां केस चल रहा है। रैनबसेरा के शिलान्यास के समय तत्कालीन कलेक्टर व तहसीलदार को भी पूरी जानकारी दी थी। तेजू प्रजापति, पटेल कॉलोनी
पटवारी व निगम अधिकारियों को जमीन संबंधित कागज दिखाती तेजू की बेटी सपना।