रतलाम। जिला अस्पताल की ‘आई ओपीडी’ (नेत्र चिकित्सा) में मंगलवार को फिर हंगामा हो गया। डॉक्टर और सहायक के डेढ़ घंटे तक नहीं आने से मरीज आक्रोशित हो गए। ग्रामीण क्षेत्र की ड्यूटी पर जा रहे सहायक ने लौटकर मरीजों को देखा। बावजूद आधे से ज्यादा मरीजों को बगैर जांच के लौटना पड़ा। सप्ताहभर में आई ओपीडी में चौथी बार हंगामा हुआ।
जिला अस्पताल में ओपीडी का समय सुबह 8.00 बजे से है। जल्दी नंबर के चक्कर में सुबह 7.30 बजे से मरीज जाते हैं। मंगलवार को जब 9.30 बजे तक डॉक्टर और सहायक नहीं आए तो मरीज और परिजन ने हंगामा कर दिया। हालात बिगड़ते देख सैलाना ड्यूटी पर जा रहे ऑप्थेल्मिक असिस्टेंट आनंदीलाल पाटीदार को अस्पताल प्रशासन ने बुलवाया। पाटीदार ने आकर मरीजों की जांच की।
सहायक के हवाले ओपीडी-पूर्व मेंआई ओपीडी में दो डॉक्टर थे। डॉ. दीप व्यास के वीआरएस लेने से अब डॉक्टर नरेंद्र उपाध्याय रह गए हैं। ऑपरेशन के लिए जावरा से डॉ. प्रकाश उपाध्याय सप्ताह में तीन दिन आते हैं। डॉ. नरेंद्र उपाध्याय ही जांच करते हैं। शुक्रवार से वे भी अवकाश पर चले गए। इस कारण ऑप्थेल्मिक असिस्टेंट एम एल शर्मा के हवाले आई ओपीडी हो गई। शुक्रवार से सोमवार तक उन्होंने ही मरीजों की जांच की।
दोनों असिस्टेंट ग्रामीण क्षेत्र में -आई ओपीडीमें दो आप्थेल्मिक असिस्टेंट पदस्थ हैं। शर्मा के अलावा पाटीदार भी यहां हैं। सीएमएचओ ने मंगलवार को दोनों की ड्यूटी ग्रामीण अंचल में लगा दी। इससे जिला अस्पताल की आईओपीडी खाली हो गई। मंगलवार को पाटीदार सैलाना ड्यूटी पर जाकर मरीजों को देखने जिला अस्पताल लौटे।
9 दिन मेंं 4 बार हंगामा : 1दिसंबर को डॉ. नरेंद्र उपाध्याय के देर से आने पर मरीजों ने हंगामा किया था। 4 दिसंबर को भी यही स्थिति बनी। 5 दिसंबर को भी हंगामा हुआ। 9 दिसंबर को फिर हंगामा हुआ।
ड्यूटी कैंसिल करेंगे : ''आईओपीडी के डॉक्टर के अवकाश पर जाने की जानकारी मुझे नहीं थी। इस वजह से सहायकों को ग्रामीण अंचल में भेजा जा रहा था। अब जानकारी मिली है तो ड्यूटी कैंसिल की जाएगी।'' डॉ.पुष्पेंद्र शर्मा, सीएमएचओ।
सीधी बात : सिविल सर्जन डॉ. आनंद चंदेलकर
- मंगलवार को आई ओपीडी में हंगामा क्यों हुआ। ?
मैं फिलहाल इंदौर में हूं। घटना के विषय में जानकारी नहीं है।
- बार-बारहंगामे की स्थिति क्यों बन रही है ?
चश्मावितरण के कारण मरीज ज्यादा रहे हैं। इस वजह से ऐसी स्थिति बन रही है।
जिलाअस्पताल में पदस्थ सहायकों को अंचल में भेजा जा रहा है जबकि यहीं ज्यादा मरीज हैं
सहायकोंकी ग्रामीण ड्यूटी के बारे में जानकारी नहीं है। वे सीएमएचओ के आदेश से जा रहे हैं। मैंने उन्हें यहीं ड्यूटी करने के आदेश दे रखे हैं।
- डाॅक्टर की नियुक्ति क्यों नहीं की जा रही है ?
यह प्रदेश स्तर का मामला है। वहीं से डॉक्टरों की नियुक्ति की जा सकती है। मेरे हाथ में कुछ भी नहीं है।
(आई ओपीडी में जमा मरीजों की भीड़।)