- दो के नमूने जबलपुर भेजे, प्रशासन में हडकंप
रतलाम। रतलाम में स्वाइन फ्लू के 69 संदिग्ध मरीज मिलने से हडकंप मच गया है। इनमें से दो के स्वाब के नमूने जांच के लिए जबलपुर भेजे गए हैं। हालांकि अधिकांश कैटेगरी में है। तीन को भर्ती कर लिया है। इनका इलाज किया जा रहा है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में स्क्रीनिंग के दौरान शुक्रवार को 27 मरीज स्वाइन फ्लू की कैटेगरी के मिले। शनिवार को इनमें 42 और जुड़ गए। दो ही दिन में इनकी संख्या 69 हाे जाने से प्रशासन में खलबली मच गई। मरीजों में सर्दी, जुकाम और बुखार के लक्षण दिखे हैं।
डॉक्टरों ने सभी को घर पर ही आराम करने और दो दिन बाद फिर से चैकअप कराने की सलाह दी है। डॉक्टरों के मुताबिक कैटेगरी खतरनाक नहीं है। दो मरीज बी कैटेगरी के भी मिले हैं। इनमें एक 65 वर्षीय महिला और एक 19 वर्षीय युवती हैं। दोनों को स्वाइन फ्लू वार्ड में भर्ती कर लिया है। इन्हें टेमीफ्लू दी जा रही है। इनके स्वाब के नमूने जबलपुर मेडिकल कॉलेज भेेजे हैं।
जरूरत 2000 गोलियों की, उपलब्ध 150- स्वाइनफ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग के इंतजाम नाकाफी हैं। जिले में टेमी फ्लू भी कम मात्रा मेंं उपलब्ध है। 75 एमजी की 50 और 30 एमजी की 100 टैबलेट ही यहां स्टाक में हैं। इन्हीं में से संदिग्ध मरीजों को दवा दी जा रही है। विभाग ने दोनों कैटेगरी की 1000-1000 दवाओं की मांग की है। स्वाइन फ्लू के नोडल अधिकारी डॉ. जीआर गौड़ ने बताया कि अभी दवाओं की जरूरत नहीं है। पूरे प्रदेश में ही दवाएं कम हैं।
भेजे हैं नमूने : '' दो मरीज बी कैटेगरी में है। इन्हें संदिग्ध मानकर उपचार किया जा रहा है। इनके स्वाब के नमूने जबलपुर भेजे हैं। 69 मरीज कैटेगरी के है। इन्हें घर पर ही आराम करने की सलाह दी है। इनमें खतरे सी कोई बात नहीं है। ''- डॉ.आनंद चंदेलकर, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल रतलाम