पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Villagers Plant Tree And Believe That They Are There Parents Or Relatives

भारत के इस अनूठे गांव की अनोखी परंपरा, पेड़ों को बनाते हैं परिवार का सदस्य

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
रतलाम। एक गांव में लगे पेड़-पौधे किसी के माता-पिता हैं तो किसी के भाई-बहन। इन्हें परिजनों की याद में लगाया है, रिश्ता भी इनसे उसी तरह निभाया जा रहा है।

ये अनूठा गांव है करमदी। परिजन के निधन पर यहां पौधे लगाए जाते हैं। परिजन की तरह ही इनकी देखभाल की जाती है। दु:ख या बीमारी के वक्त इनसे प्रार्थना की जाती है। राखी, दीपावली, होली या अन्य त्योहार पर भी इन्हीं पेड़-पौधों के साथ मनाया जाता है। यह परंपरा 2006 में शुरू हुई थी। आज यहां 50 हरे-भरे पेड़ हैं।
पिता की तरह देखभाल करते हैं पौधा को - चंदन

किराना व्यापारी चंदन कुमार के पिता अशोक कुमार जैन का जुलाई 2010 में निधन हुआ था। उन्होंने अशोक का पौधा लगाया था। आज साढ़े चार साल का हो गया है। वे पिता की तरह ही इसकी देखभाल करते हैं।
आगे की स्लाइड़स में पढ़ें छोटी सी शुरुआत नें कैसे लिया बड़े अभियान का रूप...