रतलाम। पिता जेल में हैं और मां खुद बच्ची (नाबालिग) है। मां कहती हैं- मैं पाल नहीं सकती। और मुझे छोड़ दिया। अब मेरा क्या होगा? पालना गृह में लगातार बिलख रही एक महीने की वर्षा के आने से ये ही सवाल खड़ा हो गया।
कम उम्र के माता-पिता की नादानी की सजा भुगत रही यह बच्ची जावरा के एक प्रेमी युगल की है। अलग-अलग धर्म के युगल एक साल पहले घर से भागे थे। एक महीने पहले पुलिस ने इन्हें पकड़ा तो नन्ही वर्षा भी गोद में थी। लड़की नाबालिग थी इसलिए पुलिस ने अपहरण की कार्रवाई की। युवक जेल गया और लड़की को परिजनों के हवाले कर दिया।
नन्ही वर्षा भी मां के साथ कथित ननिहाल पहुंच गई। लड़की के परिजनों ने साफ कह दिया दूसरे धर्म के लड़के से पैदा हुई बच्ची को घर में रखा तो बिरादरी में बदनामी होगी। मजबूरी वश मां ने सोमवार को वर्षा को बाल कल्याण समिति सदस्य रेखा जौहरी के सामने रख दिया। कहने लगी- मैडम मैं इस बेटी को नहीं पाल सकती। मेरे सामने समाज की मजबूरियां हैं। इसे आप ही संभालिए।
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