जावरा हुसैनी टेकरी शरीफ पर 132वें चेहल्लूम में शुक्रवार को लाखों जायरीन उमढ़े। चेल्लूम के 10वें दिन सुबह 10 बजे हुसैनी मिशन मुंबई ने बड़े रोजे से बनी असअद के काफिलेका मंजर पेश करते हुए जुलूस निकाला।
यह प्रमुख मार्ग से होकर टॉप शरीफ रेजे पर खत्म हुआ। इसमें हुसैनी मिशन प्रमुख यूसुफ मुकादम समेत सैकड़ों महिला-पुरूष शामल हुए और हुसैन की याद में मातम मनाया। दोपहर 12 बजे रोजा-ए-मेहंदी कुंआ से अंजुमन-ए-
हैदरिया अलहिंद हैदराबाद ने जुलूस निकाला। दसमें शामिल हुसैन के दीवानों ने खूनी मातम मनाया।
जुलूस अब्बास अलमदार रोजे के पास पहुंचा और वहीं समापन हुआ जहां हुसैन के दीवानों ने खून बहाकर अपनी आस्था प्रकट की। रात लगभग 11:30 बजे समारोह स्थाल पर एक सांप घुस आया जिससे अफरा-तफरी मच गई। घबराए लोगों के बीच आरक्षक नरेंद्र सिंह सिसौदिया ने सांप को मार दिया जिसके बाद स्थिती दोबारा सामान्य हो गई।
अंगारों पर चले
शुक्रवार दिनभर रोजों में जियारत की और रात 10 बजे शुरू हुए मुख्य आयोजन आग पर मातम के साक्षी बने। हुसैनी के ड्रा में तय 21 दूल्हे (जायरीन) और फिर शिया महिला, पुरूष चूल से निकले। रात 11 बजे से अन्य जायरीनों के निकलने का दौर शुरू हुआ जो रातभर चलता रहा। शनिवार को मजलिस-ए-अलविदा के साथ चेहल्लूम का समापन होगा। चेहल्लूम में शामिल होने देशभर से लाखों जायरीन हुसैन टेकरी पहुंचे और जियारत की।