सागर। पत्नी की हत्या करने का दोषी पाए गए सिपाही को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा दस हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित भी किया गया। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश हृदयेश ने मंगलवार को यह फैसला सुनाया। इस मामले में सिपाही की मां अभी तक फरार है।
सरकारी वकील गोविंद सिंह ठाकुर के अनुसार पुलिस लाइन में 16 सितंबर 2012 को दोपहर 3 बजे सिपाही अनिल पुत्र पूरनलाल स्वामी ने अपनी मां सुशीला बाई के साथ मिलकर पत्नी आरती पर केरोसिन डालकर आग लगा दी थी।
बुरी तरह झुलसी आरती को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। घटना की सूचना अस्पताल स्थित पुलिस चौकी में दी गई। पुलिस ने नायब तहसीलदार के माध्यम से आरती के मृत्यु पूर्व कथन लिए। उसकी हालत गंभीर होने पर भोपाल रैफर कर दिया गया।
सिविल लाइंस पुलिस ने सिपाही और उसकी मां के खिलाफ धारा 307/34 का मामला दर्ज किया। बाद में इलाज के दौरान आरती की मौत हो गई। पुलिस ने 302 धारा बढ़ा दी। न्यायालय में चालान पेश किया गया। न्यायालय ने सिपाही अनिल स्वामी को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा और दस हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया है। घटना के बाद से सिपाही की मां सुशीला बाई फरार बताई जा रही है। मृतका दमोह जिले की रहने वाली थी।
केरोसिन से झुलसी आरती ने दिया था मृत्युपूर्व कथन, न्यायालय का फैसला।