सागर। नेशनल लेक कंजरवेशन प्रोजेक्ट के तहत सागर की ऐतिहासिक लाखा बंजारा झील को संवारने के लिए मंजूर योजना की करीब 4 करोड़ 18 लाख की शेष राशि केंद्र सरकार ने ब्याज सहित लौटाने को कहा है। मिनिस्ट्री ऑफ एन्वायरनमेंट एंड फॉरेस्ट्स नेशनल रिवर्स कंजरवेशन ने नोडल एजेंसी एप्को (एन्वायरमेंटल प्लानिंग एंड को-ऑर्डिनेशन ऑर्गेनाइजेशन) को जारी पत्र में कहा है कि यूआईडीएसएसएमटी योजना के तहत सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने में काफी देरी हो रही है।
एसटीपी का टेंडर ही नहीं लग पा रहा है। इस स्थिति में झील का काम भी आगे नहीं बढ़ पा रहा। 21 करोड़ 33 लाख की सागर झील संरक्षण योजना पर लगभग 6 साल पहले काम शुरू हुआ था। दो चरणों में 5 करोड़ 50 लाख की राशि झील के जीर्णोद्धार के लिए निगम को मिली थी। इसमें से अब तक कुल 1 करोड़ 32 लाख ही खर्च हो पाए हैं। शेष राशि निगम के खाते में जमा है। जिसे अब लौटाना होगा। सागर विधायक शैलेंद्र जैन ने कहा कि हम केंद्र सरकार को झील संरक्षण योजना की राशि नहीं लौटाएंगे।
जुड़ी हुई हैं झील सीवरेज योजनाएं - योजनाके तहत शहर के गंदे नालों का पानी झील में जाने से रोकने के लिए अलग से सीवरेज कंपोनेंट पर काम होना था। इस पर काफी खर्च रहा था। बाद में इस योजना को पूरे शहर के सीवरेज के निष्पादन के लिए बनी यूआईडीएसएसएमटी से ज्वाइंट कर दिया गया। शहर में 12 एमएलडी का एक ही एसटीपी लगाने का फैसला हुआ। 2008-09 से झील संरक्षण योजना का काम शुरू हुआ था। झील के आसपास के इलाकों में 4 सुलभ कॉम्पलेक्स, झील किनारे फुटपाथ, बाउंड्रीवॉल जालियां लगाई गई और वन विभाग ने कैचमेंट एरिया का काम किया था।
मई में हुआ था रिव्यू, लौटाने होंगे पैसे : सागर झील संरक्षण योजना एप्को भोपाल के नोडल अिधकारी प्रदीप शर्मा ने कहा कि मई माह में मिनिस्ट्री ऑफ एन्वायरनमेंट एंड फॉरेस्ट्स नेशनल रिवर्स कंजरवेशन के अधिकारियों ने झील संरक्षण योजना को लेकर रिव्यू किया था। इसमें कहा गया था कि सीवरेज योजना का काम लगातार लेट हो रहा है। एसटीपी के टेंडर ही नहीं लग पा रहे। इस तरह झील संरक्षण योजना की राशि भी फंसकर रह गई है। इसी तारतम्य में केंद्र सरकार ने ब्याज सहित यह राशि लौटाने का पत्र भेजा है। नगर निगम को इस पत्र के साथ आवश्यक कार्रवाई के लिए भी लिखा है।
छह साल पहले शुरू हुआ था झील संरक्षण का काम
- 21 करोड़ 33 लाख की थी पूरी योजना, 5 करोड़ 50 लाख रुपए मिले थे
- इन में से सिर्फ 1 करोड़ 32 लाख रुपए हो पाए हैं अब तक खर्च
लापरवाही से रुका सागर का विकास
यूआईडीएसएसएमटी योजना के तहत सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के काम में हो रही देरी के कारण हो रहा है नुकसान।
(सागर तालाब)