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कई रूपों में विराजीं मां, आरती में उमड़े श्रद्धालु

7 वर्ष पहले
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सागर। गुरुवार को शारदीय नवरात्र के पहले दिन नगर में कई जगहों पर मां की प्रतिमाएं स्थापित हुईं। शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से देवी मां की स्थापना, घट-स्थापना की गई। शहर में करीब 150 से अधिक स्थानों पर मूर्तियां स्थापित की गई हैं। देवी प्रतिमाओं के स्थापित करने का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। लोग गाजे-बाजों के साथ उमंग-उत्साह में झूमते हुए मां को लेकर झांकी स्थल पहुंचे। मां के निराले रूपों को देखने श्रद्धालु पहले दिन ही झांकी स्थलों पर पहुंचे। पुरव्याऊ टौरी स्थित कंधे वाली माता का काली तिगड्डा पर भव्य मंदिर बनाया गया है। मां की प्रतिमा यहीं के कलाकारों द्वारा बनाई जाती है।
यहां मां का रूप प्रतिवर्षानुसार एक सा ही रहता है। यहां आरती में बडी़ संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मोतीनगर चौराहे पर तीन जगह मां की मूर्तियां स्थापित की गई हैं। बड़ा बाजार स्थित मेहताजी की काली की स्थापना परंपरानुसार अलसुबह 4 बजे हुई। यहां पर मां हर दिन रूप बदलती हैं। गुरुवार को मां ने शैलपुत्री के रूप में दर्शन दिए।
शुक्रवार को ब्रह्मचारिणी रूप के दर्शन होंगे। सदर स्थित मुहाल नंबर -3 में अष्टभुजी रूप में मां की स्थापना हुई। वह हाथों में ज्वाला, तलवार, शंख, गदा, तलवार, त्रिशूल, चक्र लिए हैं। एक हाथ से मां आशीर्वाद दे रही हैं। उधर माता मंदिरों में देवीजी को जल अर्पित करने (जल ढारने) सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। यह सिलसिला पूरे नवरात्र में चलेगा। मां की विशेष पूजा-अर्चना की गई।

राधा तिराहे पर नीलकमल कमेटी द्वारा स्थापित मां की प्रतिमा के दर्शनों के लिए पहले दिन ही देवीभक्त उमड़े : कटरा नमक मंडी में लालकमल कमेटी द्वारा मां की मनमोहक प्रतिमा स्थािपत की गई है। बीना। शारदेय नवरात्रि की प्रतिपदा को मां जागेश्वरी की शोभायात्रा शहर में उत्साह एवं श्रद्धा के साथ निकाली गई। हजारों श्रद्धालुओं के बीच चांदी की पालकी में देवी को विराजमान कर शहर भ्रमण कराया गया। मां की यात्रा में उत्साह के साथ 25 से अधिक अखाड़े, 108 से अधिक कन्याएं गरबा करती हुई चल रही थीं। जगह-जगह यात्रा का स्वागत भी हुआ।
झांकियां एवं अखाड़े पुरस्कृत होंगे
सागर | विश्वहिंदु परिषद की नगर बैठक गुरुवार को सदर स्थित उटकटा मंदिर में हुई। इसमें तय हुआ कि दशहरा पर निकलने वाले चल समारोह में टेंट लगाकर झांकियों एवं अखाड़ों का स्वागत किया जाएगा। पहले, दूसरे एवं तीसरे स्थान पर रहने वाली झांकियों एवं अखाड़ों को शील्ड एवं सम्मान पत्र दिए जाएंगे। बैठक में वसंत श्रीवास्तव, शिवशंकर मिश्रा, प्रेमशंकर दुबे, विक्रम सिंह राजपूत, ज्ञानेंद्र श्रीवास्तव, शैलेंद्र राजपूत, प्रवीण रजक आदि मौजूद थे।
नवरात्र | पहले दिन हुई मां की स्थापना, नगर भर में करीब 150 स्थानों पर सजे हैं मां के दरबार।