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घर पर होने के बाद भी मैस के पैसे मांगे तो छात्रों ने की भूख हड़ताल

6 वर्ष पहले
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डॉ.हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के टैगोर हॉस्टल के विद्यार्थी बुधवार काे भूख हड़ताल पर रहे। पहले तो उन्होंने छात्रावास परिसर में ही प्रदर्शन किया, लेकिन जब हॉस्टल प्रबंधन ने उनकी बात नहीं मानी तो वह नारेबाजी करते हुए मेन ऑफिस गए और सड़क पर धरने पर बैठ गए। छात्र देर शाम तक यहां बैठे रहे। इस दौरान विवि प्रशासन की ओर से उन्हें समझाने की कोशिश भी की गई, लेकिन उचित आश्वासन नहीं मिलने पर वह वहीं बैठे रहे। छात्रों ने कुलपति के नाम ज्ञापन भी दिया। इसमें हॉस्टल में टोकन व्यवस्था लागू करने की मांग की गई है।

साथ ही जनवरी माह की मैस फीस का निराकरण करने को भी कहा गया है। छात्रों ने चेतावनी देते हुए यह भी कहा है कि यदि हमारी मांगें पूरी नहीं की जा सकती हैं तो हमारे छात्रावास की मैस बंद कर दी जाए। हम अपने भोजन की व्यवस्था स्वयं कर लेंगे। हालांकि कुलपति ने लगभग सभी मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया है।

सभी जायज मांगें मानी जाएंगी: कुलपति

कुलपतिप्रो. एसपी व्यास का कहना है कि जनवरी माह के मैस के भुगतान का जो भी मामला है उसे मैंने पूरी गंभीरता से लिया है। एक भी छात्र से बेजा पैसा नहीं लिया जाएगा। हम टोकन सिस्टम भी लागू कर रहे हैं। इसमें 25 दिन का भुगतान तो अनिवार्य होगा। खाने के लिए मीनू कार्ड भी बनवा रहे हैं। इसकी निगरानी हॉस्टल के ही 4 छात्र करेंगे।

यह बना तात्कालिक प्रदर्शन का कारण

विद्यार्थियोंके मुताबिक सेमेस्टर परीक्षा खत्म होने के बाद सभी विद्यार्थी अपने-अपने घर चले गए थे। अंतर यह रहा कि कुछ की परीक्षा 8 दिसंबर को हो गई थी तो कुछ की जनवरी माह तक चली। इस दौरान विद्यार्थी हॉस्टल में रहे ही नहीं। बावजूद इसके हॉस्टल प्रशासन सेमेस्टर ब्रेक के पुराने नियम अनुसार सिर्फ 15 दिन को छोड़कर विद्यार्थियों के उन दिनों के खाने के पैसे भी काटने की बात कह रहा है, जिस दिन वह यहां रहे ही नहीं।

सागर . मेन ऑफिस के सामने धरना देते हॉस्टल के छात्र।